Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान: रबी फसल में उर्वरकों पर सख्त निगरानी, टैगिंग मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई; किसान इस नंबर पर करें शिकायत

03 दिसंबर 2025, जयपुर: राजस्थान: रबी फसल में उर्वरकों पर सख्त निगरानी, टैगिंग मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई; किसान इस नंबर पर करें शिकायत – राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में वर्ष 2025-26 की रबी फसलों की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है और किसान इन दिनों पहली सिंचाई के साथ खड़ी फसलों में यूरिया की स्प्लिट डोज दे रहे हैं। कृषि विभाग ने किसानों की मांग के अनुसार डीएपी और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की है, ताकि किसी प्रकार की कमी न आए।

संयुक्त निदेशक डॉ. प्रमोद यादव ने बताया कि उर्वरकों के सुचारू वितरण के लिए ब्लॉकवार प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। मूल्य से अधिक राशि वसूले जाने और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में अन्य राज्यों की ओर अवैध परिवहन को रोकने हेतु पुलिस चौक पोस्टों के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि उर्वरकों के साथ किसी अन्य कृषि-इनपुट की टैगिंग न की जाए।

विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ आपूर्तिकर्ता और विनिर्माता कंपनिया यूरिया और डीएपी के साथ सल्फर, बायोपोटाश, हर्बीसाइड, पेस्टिसाइड, सूक्ष्म तत्व मिश्रण तथा बायोफर्टिलाइज़र जैसे उत्पादों की टैगिंग कर आपूर्ति कर रही हैं। विभाग ने इसे एफसीओ-1985, उर्वरक संचलन आदेश तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 का स्पष्ट उल्लंघन बताते हुए गंभीर अनियमितता माना है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि किसी भी प्रकार की टैगिंग पाए जाने पर संबंधित आपूर्तिकर्ता या विक्रेता के विरुद्ध आवश्यक प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभागीय टीमें बाजारों और वितरण केंद्रों की नियमित जांच कर रही हैं।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

किसानों से अपील की गई है कि यदि कोई विक्रेता उर्वरकों के साथ जबरन अन्य उत्पाद बेचने का प्रयास करे या टैगिंग करे, तो इसकी शिकायत तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष—97821-91165 पर दर्ज कराएं। विभाग ने आश्वस्त किया है कि किसानों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture