Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान: कृषि विभाग के अधिकारियों से सम्पर्क कर यूरिया प्राप्त करना सुनिश्चित करें किसान – जिले में जल्द पहुंचेंगे यूरिया के 170000 बैग

12 जनवरी 2026, जयपुर: राजस्थान: कृषि विभाग के अधिकारियों से सम्पर्क कर यूरिया प्राप्त करना सुनिश्चित करें किसान – जिले में जल्द पहुंचेंगे यूरिया के 170000 बैग – इस वर्ष रबी सीजन में नहरी सिंचाई पानी की समय पर उपलब्धता के चलते गेंहू, सरसों एंव जौ के क्षेत्रफल में इजाफा होने की संभावना के मद्देनजर जिला श्रीगंगानगर में रबी 2025-26 हेतु 150000 मैट्रिक टन यूरिया उर्वरक की मांग कृषि आयुक्तालय को भिजवाई गई। इस सीजन में बीते माह दिसम्बर तक 108000 मैट्रिक टन यूरिया उर्वरक की मांग के विरूद्ध अभी तक 113549 मैट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति जिले में हो चुकी है। यह गत वर्ष की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक है।

 कृषि (विस्तार) संयुक्त निदेशक ने बताया कि 10 जनवरी 2026 को जिले की सूरतगढ़ मंडी में 2185 बैग, श्रीविजयनगर 15000 बैग, रामसिंहपुर 3650 बैग एवं अनूपगढ़ मंडी में 8500 बैग यूरिया का वितरण कृषि विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की देखरेख में टोकन के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता पूर्वक करवाया गया है। एक ही किसान बार-बार लाईन में न लगे, यह सुनिश्चित करने हेतु परमानेंट मार्कर से अंगुली पर निशानदेही की गई।

श्रीविजयनगर मण्डी में 10000 बैग यूरिया का स्टॉक मौजूद है, जिसे कल टोकन वितरण कर किसानों में वितरण करवा दिया जावेगा। जिले में अगले 2-3 दिन में 170000 (7650 मैट्रिक टन) बैग यूरिया के और पहुंचने की संभावना है। इनका वितरण भी पूर्ण पारदर्शिता से करवाने हेतु कृषि एंव राजस्व विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पाबंद किया गया है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

 उन्होंने बताया कि इस रबी सीजन में नहरी सिंचाई पानी की समय पर उपलब्धता के चलते गेंहू, सरसों एंव जौ के क्षेत्रफल में इजाफा होने एंव वर्तमान में फसल स्थिति अच्छी होने के कारण क्षेत्र में यूरिया की मांग में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि जिले में यूरिया की निरन्तर आपूर्ति हो रही है। किसानों से आग्रह है कि सर्दी के मौसम को देखते हुए अपने क्षेत्र के नजदीकी कृषि पर्यवेक्षक, सहायक कृषि अधिकारी, सहायक निदेशक कृषि कार्यालय से सम्पर्क कर यूरिया वितरण के संबंध में जानकारी प्राप्त कर उनके द्वारा बताये समयानुसार मण्डी में आएं ताकि सर्दी के मौसम में अनावश्यक परेशानी ना हो।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture