राजस्थान: अमरूद किसानों से सीधा संवाद, कलक्टर ने बताए समाधान और सीधी बिक्री के सुझाव
14 जुलाई 2025, जयपुर: राजस्थान: अमरूद किसानों से सीधा संवाद, कलक्टर ने बताए समाधान और सीधी बिक्री के सुझाव – राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में जिला कलेक्टर काना राम की अध्यक्षता में अमरूद उत्पादक किसानों के साथ सीधा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैठक में किसानों ने अमरूद की खेती से जुड़ी समस्याएं, अवसर और समाधान साझा किए। कलेक्टर ने किसानों से उनकी उत्पादन तकनीक, विपणन, प्रोसेसिंग और निर्यात से जुड़ी जानकारी ली।
किसानों ने अमरूद की फसल में फैल रही निमेटोड बीमारी पर चिंता जताई। इस पर कलेक्टर ने कृषि वैज्ञानिकों को निर्देश दिए कि बीमारी की रोकथाम के लिए वैज्ञानिक योजना बनाई जाए। वैज्ञानिकों ने किसानों को अत्यधिक पानी और डीएपी के प्रयोग से बचने और वर्मी कम्पोस्ट जैसे जैविक तरीकों को अपनाने की सलाह दी।
बिचौलियों से मुक्ति का रास्ता
कई किसानों ने ठेकेदारों द्वारा भुगतान में धोखाधड़ी की शिकायत की। इस पर कलेक्टर ने सुझाव दिया कि किसान एफपीओ (FPO) बनाकर मंडियों में सीधे बिक्री करें। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
जैविक अमरूद को मिलेगी पहचान
खिजूरी गांव के किसान देवराज सिंह ने बताया कि वे जैविक तरीके से अमरूद उगाते हैं, जिसमें बीमारी नहीं होती। कलेक्टर ने उनके और अन्य जैविक उत्पादकों के अमरूद को नेचुरल फार्मिंग मिशन के तहत प्रमाणित करने और उनकी ब्रांडिंग के निर्देश दिए।
प्रोसेसिंग यूनिट और GI टैग की तैयारी
किसानों ने मौसम की मार से बचने के लिए जिले में प्रोसेसिंग यूनिट की मांग की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सवाई माधोपुर के बर्फानी गोला और सफेद अमरूद को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए GI टैग (भौगोलिक संकेतक) के लिए प्रक्रिया शुरू की जाए।
आत्मनिर्भर विपणन का सुझाव
कलेक्टर ने किसानों को स्थानीय स्तर पर समूह बनाकर मंडियों तक उत्पाद पहुंचाने और बिक्री के लिए खुद सक्षम बनने को कहा। इससे किसानों को अच्छे दाम मिल सकेंगे और मंडी में ठोस खरीद व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।
कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान, वैज्ञानिक, कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारी, मार्केटिंग विशेषज्ञ और स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में किसानों की बातें गंभीरता से सुनी गईं और कई सुझावों पर अमल के निर्देश दिए गए।
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