राज्य कृषि समाचार (State News)

पंजाब के खाद्य मंत्री लाल चंद कटारूचक की केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात, चावल की ढुलाई बढ़ाने की अपील

29 अगस्त 2024, चंडीगढ़: पंजाब के खाद्य मंत्री लाल चंद कटारूचक की केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात, चावल की ढुलाई बढ़ाने की अपील – पंजाब में चावल की ढुलाई और भंडारण की कमी के मुद्दे को लेकर पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री श्री लाल चंद कटारूचक ने बुधवार को केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की।

बैठक के दौरान, श्री कटारूचक ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य में चावल के भंडारण के लिए कवर स्पेस की भारी कमी है। इस कमी को और बढ़ा दिया है, क्योंकि पिछले पांच महीनों से राज्य से केवल 3-4 लाख मीट्रिक टन चावल की सीमित ढुलाई हो रही है।

श्री कटारूचक ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कहा कि इसे जल्द से जल्द सुलझाना आवश्यक है, क्योंकि 1 अक्टूबर से खरीफ विपणन सीजन (KMS)-2024 शुरू होने वाला है, जिसमें लगभग 185-190 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की संभावना है, जिससे 125-128 लाख मीट्रिक टन चावल का उत्पादन होगा।

उन्होंने इस मुद्दे के शीघ्र समाधान पर जोर दिया, क्योंकि पंजाब के चावल मिलर्स लगातार भंडारण की कमी के कारण चिंतित हैं, जिससे धान की सुचारू खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

Advertisement
Advertisement

केंद्रीय मंत्री के व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग करते हुए, श्री कटारूचक ने आग्रह किया कि एफसीआई को आवश्यक भंडारण स्थान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि सितंबर 2024 से मार्च 2025 तक प्रतिदिन कम से कम 25 रेक गेहूं और चावल की ढुलाई सुनिश्चित की जाए, जिससे KMS 2024-25 के लिए चावल के भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान बनाया जा सके और खरीद सीजन में किसी प्रकार की समस्या न हो।

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement