नीमच जिले में माइनर स्पाइसेस को बढ़ावा दे – कुलपति ने दिया सुझाव

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30 सितंबर 2020, नीमच। नीमच जिले में माइनर स्पाइसेस को बढ़ावा दे – कुलपति ने दिया सुझाव – कृषि विज्ञान केन्द्र, नीमच की गत 26 सितम्बर  को आनलाइन वैज्ञानिक सलाहकार समिति की उन्नतीवसीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में आनलाईन जुड़े कुलपति प्रो. एस. के. राव, राविसिंकृविवि, ग्वालियर की अध्यक्षता एवं डा. मृदुला बिल्लौरे, अधिष्ठाता, उद्यानिकी महाविद्यालय, मंदसौर, डा. एस. आर. के. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, अटारी जोन 9, जबलपुर, डा. आर. के. एस. तोमर, संयुक्त संचालक, विस्तार सेवाए के विशेष आतिथ्य तथा डा. एस.एस. कुशवाहा, वैज्ञानिक, निदेशालय एवं डा. के. एस. किराड़, प्रधान वैज्ञानिक, केविके, धार प्रतिनिधि, निदेशक विस्तार सेवाएं, राविसिंकृविवि, ग्वालियर के आतिथ्य में बैठक सम्पन्न हुई।

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कार्यक्रम में रिंग केविके – मंदसौर एवं रतलाम, कृषि, आत्मा, उद्यानिकी, जिला पंचायत, पशुपालन, आकाशवाणी, दूरदर्शन आदि विभागों के जिला अधिकारी के साथ प्रगतिशील किसान आॅनलाईन जुडे़। डा . सी. पी. पचौरी, प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख, ने समिति की बैठक में कुलपति महोदय, अधिष्ठाता  एवं समिति के समस्त सदस्यों का स्वागत किया । उन्होंने विगत छः माह में केन्द्र द्वारा संचालित गतिविधियों (खरीफ 2020) के प्रगति प्रतिवेदन एवं संस्था द्वारा आगामी छः माह (रबी 2020-21) हेतु प्रस्तावित कार्ययोजना का पावर प्वाइन्ट के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया। बैठक में प्रो. एस. के. राव ने जिले के किसानों की जरुरत के हिसाब से नीडबेस ओएफटी, एफएलडी एवं प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया साथ ही उन्होने जिले में माइनर स्पाइसेस फसलों पर कार्य करने की अपार सम्भावना बतायी। डा. मृदुला बिल्लौरे, अधिष्ठाता, उद्यानिकी महाविद्यालय, मंदसौर ने केन्द्र पर स्थापित फसल संग्रहालय (सामान्य फसल, औषधीय एवं मसाला फसल तथा चारा फसल)  की सराहना करते हुए आगामी समय में जिले की आवश्यकतानुसार 10 साल के अंदर की किस्मों  का ही चयन करने  की आवश्यकता बतायी।

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