ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा ‘कल्प तरूह’ अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित

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प्रकृति संरक्षण के लिए सनातन दृष्टि पर आधारित पर्यावरण अनुकूल नीतियों  की जरूरत-राज्यपाल

8 जून 2022, जयपुर । ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा ‘कल्प तरूह’ अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने संतुलित विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रकृति संरक्षण की सनातन भारतीय दृष्टि पर आधारित पर्यावरण अनुकूल नीतियों  के निर्माण पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि पंचभूत तत्वों पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश को महत्व देने वाली भारतीय सनातन संस्कृति प्रकृति पूजक रही है, तो इसके मूल में पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने का वैज्ञानिक आधार है।

राज्यपाल श्री मिश्र विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर माउंट आबू स्थित ज्ञान सरोवर में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा  “कल्प तरूह” अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि  वैज्ञानिक विकास तभी सार्थक होता है, जब तक उससे पर्यावरण और पारिस्थितिकी संतुलन पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़े। इसलिए हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर जीवन जीना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरणीय संकट का प्रमुख कारण प्रकृति से अपने आपको दूर कर पंचभूत तत्वों की उपेक्षा करना ही है। उन्होंने कहा कि प्रकृति  की उपेक्षा कर विकास को गति देने के प्रयासों और उपभोक्तावाद ने प्राकृतिक और जैविक आपदाओं को बुलावा दिया है।

राज्यपाल श्री मिश्र ने कहा कि अमृता देवी के नेतृत्व में खेजड़ली में पेड़ों के लिए हुआ बलिदान वृक्ष संस्कृति में समायी हमारी प्रकृति संरक्षण से जुड़ी सोच का सबसे बड़ा प्रमाण है।  उन्होंने जैव विविधता को नष्ट होने से बचाने और पर्यावरण में असंतुलन को दूर करने के लिए उपभोक्तावादी जीवन शैली को बदलने का सभी से आह्वान किया।

 उन्होंने कहा कि विकास कार्यों और योजनाओं में अक्षय ऊर्जा, पर्यावरण सम्मत निर्माण कार्य, पेड़-पौधों और वनस्पतियों के संरक्षण की सोच को प्रमुखता दी जानी चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि हरेक व्यक्ति पेड़ लगाए और उसका संरक्षण करे।

राज्यपाल ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि कल्प तरूह अभियान के अतंर्गत दादी प्रकाशमणि के स्मृति दिवस 25 अगस्त 2022 तक 75 लाख लोगों द्वारा 75 लाख मानवीय उपयोगी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन पौधों को लगाने के साथ ही बड़े होने तक इनकी पूरी देखभाल भी की जाए।

आरम्भ में राज्यपाल श्री मिश्र ने उपस्थितजनों को भारतीय संविधान की उद्देश्यिका और मूल कर्तव्यों का वाचन भी करवाया।

राज्यपाल ने इस अवसर पर आबू रोड स्थित ट्रॉमा सेंटर में विकसित किए जा रहे आरोग्य वन में औषधीय पौधों के पौधारोपण का शुभारम्भ किया। ग्लोबल होस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ. प्रताप मिढ्ढा ने राज्यपाल को आम का पौधा भेंट किया, जिसे आबू रोड स्थित आरोग्य वन में रोपा जाएगा।

राज्यपाल ने ब्रह्माकुमारी संस्था की प्रेरणा से तैयार म्यूजिक एलबम का लोकार्पण किया। उन्होंने अभियान के अंतर्गत ज्ञान सरोवर परिसर में चम्पा का पौधा भी लगाया।

राजयोगी डॉ. बी.के. मृत्युंजय ने इस पौधारोपण अभियान के उद्देश्यों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पौधरोपण अभियान के दौरान जो पौधे लगाए जाएंगे, उनका पांच साल तक संरक्षण भी किया जाएगा।

राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी संतोष दीदी ने बताया कि मुम्बई महानगर में सार्वजनिक उद्यानों में गत 25 वर्ष से संस्था द्वारा पौधारोपण कर विकास किया जा रहा है।

राजयोगिनी सुमन बहन जी ने प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को ध्यान का अभ्यास करवाया।

कार्यक्रम में  राज्यपाल के प्रमुख विशेषाधिकारी श्री गोविन्दराम जायसवाल, उपखण्ड अधिकारी श्री कनिष्क कटारिया सहित प्रशासनिक अधिकारी और संस्था के सदस्यगण  उपस्थित रहे।

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