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PM आवास योजना: मध्यप्रदेश में पुनः सर्वे, 16 लाख मकानों का लक्ष्य

16 जनवरी 2025, भोपाल: PM आवास योजना: मध्यप्रदेश में पुनः सर्वे, 16 लाख मकानों का लक्ष्य –  प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मध्यप्रदेश में हर गरीब को पक्का मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को विदिशा में आयोजित कार्यक्रम में इस योजना के हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश के हर गरीब को पक्का मकान मिले। अब तक देशभर में 4 करोड़ से अधिक मकान बनाए जा चुके हैं। मध्यप्रदेश में पुराने सर्वे के मुताबिक 16 लाख लोगों को पक्के मकानों की जरूरत थी। इनमें से 8.5 लाख नए मकानों की स्वीकृति दी जा चुकी है।

पुनः सर्वे के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र व्यक्ति मकान के बिना न रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि नए सर्वे में उन परिवारों को भी जोड़ा जाएगा जो अब तक योजना का लाभ नहीं ले पाए हैं। उन्होंने कहा कि इस संकल्प को 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विदिशा में “लखपति दीदी” कार्यक्रम के तहत ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक प्रमाण पत्र वितरित किया। अब तक राज्य में 50,000 से अधिक महिलाएं इस पहल का लाभ ले चुकी हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 177 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया।

नए आवास और पात्रता में छूट

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 8.21 लाख नए मकानों की स्वीकृति का पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि अप्रैल-मई 2025 तक राज्य को इतने ही और मकान दिए जाएंगे। पात्रता में सुधार करते हुए अब दोपहिया वाहन रखने वाले, 15,000 रुपये तक वार्षिक आय वाले और 2.5 एकड़ तक सिंचित भूमि वाले परिवारों को भी योजना का लाभ मिलेगा।

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केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सेल्फ-सर्वे की प्रक्रिया शुरू की गई है, जहां लोग खुद से अपनी पात्रता का सत्यापन करा सकते हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण में 500 की आबादी वाले और 250 जनजातीय आबादी वाले गांवों को शामिल किया गया है। इससे 2,500 से अधिक गांवों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

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सिंचाई और कृषि योजनाओं पर फोकस

मुख्यमंत्री ने केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) जैसी नदी जोड़ो परियोजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि इनसे प्रदेश की सिंचाई क्षमता 48 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है, जो वर्ष 2003 में मात्र 7 लाख हेक्टेयर थी। उन्होंने कहा कि इस वृद्धि से राज्य जल्द ही कृषि उत्पादन में पंजाब और हरियाणा को भी पीछे छोड़ देगा।

कृषि योजनाओं के तहत ग्रीन हाउस, पॉली हाउस और ड्रिप सिंचाई के लिए 435 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इनसे राज्य के 1 लाख से अधिक किसानों को सीधे लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चौथे चरण में 500 और 250 जनजातीय आबादी वाले गांवों को शामिल किया गया है। इससे राज्य में ग्रामीण संपर्क बेहतर होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास तेज होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि पिछड़ी जनजातियों के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत 46,000 मकानों का निर्माण पूरा किया जा चुका है।

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