राज्य कृषि समाचार (State News)

PAU समीक्षा बैठक: वैज्ञानिकों ने गुलाबी सुंडी और फॉल आर्मीवॉर्म से निपटने पर की विशेष चर्चा  

05 जुलाई 2025, हरियाणा: PAU समीक्षा बैठक: वैज्ञानिकों ने गुलाबी सुंडी और फॉल आर्मीवॉर्म से निपटने पर की विशेष चर्चा – पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना में अनुसंधान और विस्तार कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य की प्रमुख फसलों के सामने आ रही चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में कपास में गुलाबी सुंडी (Pink Bollworm) और मक्का में फॉल आर्मीवॉर्म (Fall Armyworm) के प्रकोप को रोकने के लिए नियंत्रण उपायों पर विशेष रूप से फोकस किया गया।

वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने किसान मार्गदर्शन पर दिया जोर

बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. एम.एस. भुल्लर ने की। उन्होंने वैज्ञानिकों और कृषि विस्तार अधिकारियों से कहा कि वे किसानों को इन कीटों से फसल की सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक और व्यावहारिक समाधान उपलब्ध करवाएं। साथ ही उन्होंने वसंत ऋतु में सूरजमुखी की खेती को बढ़ावा देने, खरीफ तिलहन व दलहनों की अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन (Frontline Demonstration) के माध्यम से प्रसार, और श्रमिकों की कमी को देखते हुए मशीनों के प्रयोग को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।

अनुशंसित कीटनाशकों के सही उपयोग पर विशेष ध्यान

डॉ. जी.एस. मंगट, अतिरिक्त निदेशक (कृषि अनुसंधान) ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि विस्तार अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसान अनुशंसित कीटनाशकों और रसायनों का ही प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि गैर-अनुशंसित रसायनों के अंधाधुंध उपयोग से फसलों को नुकसान और पर्यावरण को खतरा हो सकता है।

अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा

कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी डॉ. जी.एस. मक्कर, प्रभारी, प्लांट क्लिनिक, ने निभाई। उन्होंने अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी जानकारी दी, जैसे मैट-टाइप नर्सरी तैयार करने की तकनीक, जैव उर्वरकों की बिक्री, सतही रूप से बोई गई गेहूं की फसलों से मिट्टी के नमूने एकत्र करना, और किसानों के लिए प्रकाशित साहित्य की बिक्री का आँकलन।

वैज्ञानिकों और अधिकारियों की भागीदारी

बैठक में डॉ. टी.एस. रिआड़, अतिरिक्त निदेशक संचार और डॉ. के.बी. सिंह, निदेशक, PAMETI सहित KVKs (कृषि विज्ञान केंद्र), FASCs (फार्म एडवाइजरी सेवा केंद्र) और RRSs (क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्रों) से आए वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के समापन पर डॉ. मंगट ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस समीक्षा बैठक में तय रणनीतियाँ और सुझाए गए उपाय किसानों तक जल्द पहुँचाए जाएंगे, ताकि पंजाब की प्रमुख फसलों को कीटों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहन मिल सके।

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