राज्य कृषि समाचार (State News)

जैविक सब्ज़ी खेती से महिला किसानों के जीवन में आई रौनक

07 जनवरी 2025, डिंडोरी: जैविक सब्ज़ी खेती से महिला किसानों के जीवन में आई रौनक – ग्राम दुधेरा ग्राम पंचायत बम्हनी निवासी महिला किसान सुहनिया धुर्वे ने अपने आजीविका संवर्धन हेतु उन्नत तकनीक एवं जैविक विधि से सब्ज़ी खेती  कर एक सफल महिला किसान के रूप में अपनी पहचान बना रहीं हैं।

सुहनिया धुर्वे जो कि दीदी के नाम से  जानी जाती है ,ने कम ज़मीन से अधिक उत्पादन करने के लिए अपनी बाड़ी के 5 डिसमिल रकबा में शेड नेट का निर्माण कराया। शेड नेट के साथ सुहनिया धुर्वे ने कृषि की उन्नत तकनीक जैसे टपक सिंचाई, मलचिंग एवं मचान निर्माण भी किया। शेड नेट से फसल मौसम की मार जैसे अधिक गर्मी, अधिक वर्षा एवं ओलावृष्टि से सुरक्षित रही एवं कीट प्रबंधन भी बेहतर हुआ, इससे उत्पादन अधिक हुआ। सुहनिया दीदी ने बताया कि उन्नत तकनीक और जैविक खेती से उपज की गुणवत्ता बढ़ी और कीटनाशक का खर्च भी कम हुआ। टपक सिंचाई से खेती में जल प्रबंधन सुनिश्चित हुआ, मिट्टी का कटाव रुका एवं सिंचाई की लागत कम हुई। सुहनिया ने स्वयं तो एक उन्नत महिला किसान हैं ही, साथ ही उन्होंने ग्राम की अन्य महिलाओं को भी उन्नत एवं जैविक विधि से सब्ज़ी उत्पादन कर आजीविका संवर्धन में सहयोग किया है। ग्राम में कुल 30 महिला किसान उन्नत तकनीक से सब्ज़ी उत्पादन कर अच्छा मुनाफा कमा रहीं हैं।

शेड नेट एवं उन्नत विधि से सब्ज़ी खेती कर सुहनिया और ग्राम की अन्य महिला किसानों ने दो सीज़न में अच्छी आमदनी की है। अब सुहनिया दीदी अपने और आस पास के ग्रामों की महिला किसानों के लिये प्रेरणा स्रोत बनीं हैं। वह महिलाओं को भी किसान की पहचान दिलाने के लिये प्रयासरत हैं। सुहनिया  अपने जीवन में आए सामाजिक एवं आर्थिक बदलाव का श्रेय अपनी मेहनत एवं लगन के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूह, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं प्रदान एन.जी.ओ को भी देती हैं। उनका कहना है इन संस्थाओं से निरंतर मिलने वाले अनेक प्रशिक्षण, एक्सपोज़र विजिट एवं आवश्यकता अनुसार वित्तीय सहयोग के चलते जो ज्ञान और आत्मविश्वास मिला है, उसी से मेरे जीवन एवं ग्राम की अन्य महिला किसानों के जीवन में यह बदलाव संभव हुआ है।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

Advertisement
Advertisement

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement