राज्य कृषि समाचार (State News)

फसल वार प्रयोग होने वाले उर्वरकों के विकल्प

03 जून 2025, विदिशा: फसल वार प्रयोग होने वाले उर्वरकों के विकल्प – उर्वरकों के बढ़ते मूल्यों को देखते हुए फसलों की अधिक पैदावार लेने के लिए यह आवश्यक है। कि रासायनिक उर्वरकों का संतुलित और सही मात्रा में प्रयोग कराएं। वर्तमान में यूरिया और डीएपी का प्रचलन बढ़ गया है, जो केवल नाइट्रोजन एवं फॉस्फोरस के अलावा अन्य पोषक तत्वों को प्रदान नहीं करते हैं, इन उर्वरकों के लगातार प्रयोग से मिट्टी में पोटाश एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों आदि की कमी संभावित है।

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा बताया गया कि पोटाश का फसल के स्वास्थ्य एवं गुणवत्ता से सीधा सबंध है, इसके उपयोग के फलस्वरूप पौधा सुदृढ़ होकर रोग-बीमारियों से कम प्रभावित होता है तथा दानों की चमक में भी वृद्धि होती है, जिसके कारण अच्छा बाजार भाव प्राप्त होता है। काम्पलेक्स उर्वरकों में नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश तत्व पाये जाते हैं। इसी प्रकार एसएसपी में फास्फोरस के साथ-साथ सल्फर एवं कैल्शियम तत्व भी पाया जाता है। अतः काम्पलेक्स एवं एसएसपी उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

प्रदेश में खरीफ फसलों की बोनी का कार्य शीघ्र प्रारंभ होने वाला है। उर्वरकों की उपलब्धता एवं समन्वित उपयोग को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में उगाए जाने वाली प्रमुख खरीफ फसलों हेतु उपलब्धता के अनुसार लगने वाले उर्वरकों की मात्रा की गणना कर उर्वरक समूहों के रूप में विकल्प तैयार किये गये हैं। उक्त जानकारी के प्रयोग से कृषकों को उर्वरक उपलब्धता के अनुसार विकल्प चयन करने में सहायता होगी तथा संतुलित उर्वरकों का उपयोग भी हो सकेगा।  जिले के कृषि विज्ञान केन्द्र अथवा कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान केन्द्र से संपर्क कर  जिले की परिस्थिति एवं मृदा परीक्षण अनुसार अनुशंसित पोषक तत्वों की मात्रा उर्वरकों की मात्रा की गणना कर विभिन्न उर्वरक समूहों के रूप में विकल्प का कृषकों में व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि जिले में उपलब्ध उर्वरकों अनुसार कृषक फसलों का पोषक तत्व प्रबंधन कर सके।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

Advertisement
Advertisement

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement