सरकारी योजनाएं (Government Schemes)राज्य कृषि समाचार (State News)

भावांतर योजना का लाभ वास्तविक किसानों को ही मिले: कलेक्टर छतरपुर

01 अक्टूबर 2025, छतरपुर: भावांतर योजना का लाभ वास्तविक किसानों को ही मिले: कलेक्टर छतरपुर – कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने गत दिनों कलेक्ट्रेट कक्ष से वी.सी. के माध्यम से भावांतर योजना के बेहतर क्रियान्वयन के संबंध में समीक्षा की। इस दौरान एडीएम मिलिंद नागदेवे, सहायक कलेक्टर आशीष पाटिल सहित कृषि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही वी.सी. के माध्यम से एसडीएम जुड़े।

 कलेक्टर श्री जैसवाल ने एसडीएम को निर्देश दिए कि सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए म.प्र. सरकार द्वारा भावांतर योजना शुरू की गई है। जिसका क्रियान्वयन सही ढंग से हो और किसानों को लाभ मिले।  किसानों की फसल मंडियों में किसान ही बेंचे। कोई भी व्यापारी किसानों के नाम पर फसल न बेचें।  कलेक्टर ने एसडीएम को ब्लॉक स्तर पर जनप्रतिनिधियों, मंडी सचिवों, कृषि, मार्कफेड, नान आदि अधिकारियों, किसान संगठनों एवं लाइसेंसी व्यापारियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए। साथ ही योजना का पंचायत स्तर पर प्रचार प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा योजना के लाभ की जानकारी देने के लिए शासकीय कार्यालय, पंचायत भवनों आदि में पम्पलेट चस्पा कराएं।  

कलेक्टर ने कहा 10 से 25 अक्टूबर तक ई उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन होगा और भावांतर योजना में 1 नवम्बर से 15 जनवरी 2025 तक पंजीयन किया जाएगा। उन्होंने कहा किसानों के रकबे का सत्यापन राजस्व विभाग की टीम करेगी और हर मंडी के लिए नोडल अधिकारी भारसाधक अधिकारी एवं नोडल एसडीएम है। उन्होंने योजना की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश देते हुए कहा कि वास्तविक किसानों को ही योजना का लाभ मिले, व्यापारियों को नहीं। इसकी चेकिंग करने के निर्देश दिए। सोयाबीन का उत्पाद करने वाले किसानों को फसल विक्रय करने पर 5328 रू. प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य का लाभ मिलेगा। कलेक्टर ने कहा जिस क्षेत्र में सोयाबीन की पैदावार अधिक है वहां विशेष फोकस कर योजना के लाभ से किसानों को अवगत कराएं।

कलेक्टर ने पारदर्शिता के लिए मंडियों में व्यापारियों द्वारा बोलियां लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पूरी खरीदी की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा एफएक्यू ग्रेड की सोयाबीन खरीदते समय मापदंडों का पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष रूप से आरंभिक दिनों में मंडियों में एफएक्यू ग्रेड की सोयाबीन के भावों की प्रतिदिन निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा व्यापारी संगठित होकर न्यूनतम दरों पर बोली न लगाएं। मंडियों में एफएक्यू रेट समान हो। कलेक्टर ने मंडीवार नोडल अधिकारी एवं समिति का गठन करने के निर्देश दिए।  पिछले दिन के मॉडल रेट की तुलना में जो लॉट कम दर पर बिके हों, उनका नमूना संरक्षित किया जाए और यह जांच की जाए कि वह लॉट एफएक्यू ग्रेड का है या नहीं। प्रत्येक मंडी में इसके लिए एक स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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