राज्य कृषि समाचार (State News)

जल संसाधन दिवस के अवसर पर डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं

11 अप्रैल 2025, भोपाल: जल संसाधन दिवस के अवसर पर डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं – मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने गुरुवार को सोशल मीडिया हैंडल पर जल संरक्षण के महत्व को बताया है. उन्होंने कहा कि “सुजिरा अमृतः सुवर्चाः शंभू मयोभूः” अर्थात जल न केवल अमृत स्वरूप है, बल्कि शुभ, पवित्र और जीवनदायक भी है.

डॉ. यादव ने जल संसाधन दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए जल के महत्व और संरक्षण की आवश्यकता को बताया है. डॉ. यादव ने कहा कि जल केवल जीवन जीने का संसाधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में यह एक संस्कार है. इसकी हर बूंद में जीवन है, और हर स्रोत में आने वाले कल का भविष्य छिपा है. ऐसे में हमारा दायित्व बनता है कि हम इस अमूल्य धरोहर की हर संभव तरीके से रक्षा करें. जल संरक्षण पर ध्यान दें, जल को व्यर्थ नष्ट न करे जल की कीमत को समझें, जीवन में जल के उद्देश्य को समझे.

जल संसाधन दिवस पर ले संकल्प:

डॉ यादव ने जल संसाधन दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से संकल्प लेने की बात कही है. और कहा आओ सभी मिलकर लेते है संकल्प सभी जल का संरक्षण करेंगे और इसे व्यर्थ नहीं बहने देंगे. खासकर डॉ. यादव ने युवाओं की और इशारा किया है और युवाओं को जल बचाने के लिए जागरूक रहने और समाज को प्रेरित करने का संदेश दिया.

क्या है डॉ.यादव द्वारा चलाया गया जल-गंगा जल संवर्धन अभियान:

सरकार द्वारा चलाए जा रहे “जल-गंगा जल संवर्धन अभियान” का मुख्य उद्देश्य जल-संरचनाओं नदी, तालाब, कुए, बावड़ी आदि का संरक्षण और पुनर्जीवन करना है, नए तालाबों का निर्माण और पुराने जल स्रोतों का पुनरुद्धार करना है, बल्कि जनसहभागिता से इसे एक जन आंदोलन का रूप देना है. एवं वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहन देना है.

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement