मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ किसान बने एमपी के नितिन, अब गुलाब उगाकर कमा रहे 15 लाख सालाना
27 जनवरी 2026, खरगोन: मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ किसान बने एमपी के नितिन, अब गुलाब उगाकर कमा रहे 15 लाख सालाना – खरगोन जिले के महेश्वर निवासी नितिन मालाकार ने यह साबित कर दिया कि अगर सोच मजबूत हो तो खेती भी एक सफल और सम्मानजनक व्यवसाय बन सकती है। नितिन मालाकार पहले JSW कंपनी में डिप्टी मैनेजर (इंजीनियर) के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में बीई की डिग्री हासिल कर करीब 12 वर्षों तक अलीबाग (मुंबई) में कार्य किया। उस समय उनकी मासिक सैलरी लगभग 95 हजार रुपये थी।
नौकरी के दौरान पुणे में आधुनिक खेती को नजदीक से देखने के बाद उनके मन में विचार आया कि क्यों न पुश्तैनी व्यवसाय खेती को ही नए रूप में आगे बढ़ाया जाए। स्वयं का कुछ करने की इच्छा ने उन्हें बड़ा निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया। वर्ष 2020-21 में नितिन मालाकार ने महेश्वर में 1 एकड़ (लगभग 4000 वर्ग मीटर) भूमि पर पॉली हाउस निर्माण कर गुलाब की खेती शुरू की। उन्होंने मप्र उद्यानिकी विभाग से गुलाब की खेती की जानकारी प्राप्त की तथा नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड में ऑनलाइन आवेदन किया। इन्होंने मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक से 40 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, जिसमें उन्हें 28 लाख रुपये की सब्सिडी भी मिली।
पॉलीहाउस में उन्होंने हॉलैंड की उन्नत किस्मों जैसे – जुमेलिया, व्हाइट अविलोंचे, रिवाइवल और टॉप सीक्रेट प्रजाति के गुलाब के लगभग 32 हजार पौधे लगाए हैं, जिससे औसतन 1600 से 1700 स्टेम का प्रतिदिन उत्पादन मिलता है। उत्पादित फूलों की मांग स्थानीय बाजार, जयपुर मंडी और एक्सपोर्ट मार्केट तक है। आज उनकी इस आधुनिक खेती से उन्हें 12 से 15 लाख रुपये तक का वार्षिक शुद्ध मुनाफा हो रहा है। इसके साथ ही नितिन मालाकार ने अपने पॉली हाउस के माध्यम से स्थानीय स्तर पर 4 से 5 लोगों को स्थायी रोजगार भी उपलब्ध कराया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका के नए अवसर सृजित हुए हैं।
नितिन मालाकार की यह सफलता कहानी किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है कि तकनीक, सरकारी योजनाओं और आत्मनिर्भर सोच के साथ खेती को एक लाभकारी एवं रोजगारपरक व्यवसाय बनाया जा सकता है।
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