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पशुपालन (Animal Husbandry)राज्य कृषि समाचार (State News)

उत्तर प्रदेश सरकार की नई पहल: किसान गोद ले सकेंगे गोवंश, मिलेगा बायोगैस यूनिट और कैटल शेड

गांवों की इकोनॉमी को मिलेगी रफ्तार, स्वच्छ ईंधन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

10 जुलाई 2025, भोपाल: उत्तर प्रदेश सरकार की नई पहल: किसान गोद ले सकेंगे गोवंश, मिलेगा बायोगैस यूनिट और कैटल शेड – उत्तर प्रदेश के गांवों में आत्मनिर्भरता, रोजगार और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री सहभागिता योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत किसान अब 1 से 4 बेसहारा गोवंश गोद ले सकेंगे, जिनकी देखरेख उनके आवासीय परिसर में ही की जाएगी। गोवंश रखने के लिए मनरेगा के तहत कैटल शेड बनाए जाएंगे और साथ ही गोबर से स्वच्छ ईंधन बनाने के लिए लघु बायोगैस यूनिट भी दी जाएगी। यह पहल न केवल गोवंश संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा देगी, बल्कि किसानों की आय, खाद और घरेलू ईंधन की जरूरतों को भी पूरा करेगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में यह योजना एक बड़ा और व्यावहारिक कदम है।

पर्यावरण और ईंधन दोनों में मदद

बायोगैस यूनिट से स्वच्छ और टिकाऊ ईंधन तैयार किया जाएगा, जिससे किसानों के रसोई गैस का खर्च बचेगा और पर्यावरण को भी लाभ होगा। यह प्रणाली ग्रामीण परिवारों के लिए एक हरित विकल्प बनेगी, जिससे ऊर्जा जरूरतें स्थानीय स्तर पर पूरी होंगी।

रोजगार और आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के ओएसडी डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि इस योजना में जल्द ही महिला स्वयं सहायता समूहों और नवयुवकों को भी जोड़ा जाएगा। इससे उन्हें स्थायी आय और रोजगार के अवसर मिलेंगे। सरकार की मंशा है कि गोवंश आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया आयाम दिया जाए।

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परंपरा और तकनीक का समावेश

इस योजना के तहत परंपरा और आधुनिक तकनीक को जोड़ा गया है। गोबर से तैयार खाद और बायोगैस ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक खेती और ईंधन उत्पादन को बढ़ावा देंगे। इससे किसानों को न सिर्फ खाद और ईंधन मिलेगा, बल्कि अतिरिक्त आय का स्रोत भी तैयार होगा।

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ग्रामीण विकास की दिशा में अहम कदम

सीएम योगी की यह योजना सामाजिक सहभागिता, सतत विकास और स्वावलंबन का एक समन्वित मॉडल है। इससे गांवों की आर्थिक गति बढ़ेगी और प्रदेश में आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।

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