पोषण वाटिका एवं कृषि पोषण को बढ़ावा देने की जरूरत:  प्रधान वैज्ञानिक डॉ लिपि दास

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19 अगस्त 2022, उदयपुर: पोषण वाटिका एवं कृषि पोषण को बढ़ावा देने की जरूरत:  प्रधान वैज्ञानिक डॉ लिपि दास – केंद्रीय कृषिरत महिला संस्थान, भुवनेश्वर के अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना- कृषिरत महिला द्वारा दिनांक 18 अगस्त 2022 को “कुपोषण निवारण हेतु पोषण स्मार्ट गांव पर उद्योगियो से संवाद”    विषय पर उदयपुर के बड़गांव स्थित मदार गांव के पंचायत सभागार मैं बैठक आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय संबंधित अनुसंधान परियोजना के स्टाफ सहित लगभग 70 महिला किसानौ  ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान किसान महिलाओं को सौर ऊर्जा उपकरण – सोलर कुकर व सौर ऊर्जा टॉर्च का वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम की अध्‍यक्षता करते हुए हुए प्रथम दिन डॉ लिपि दास, प्रधान वैज्ञानिक (कृषि विस्तार) और नोडल अधिकारी, एआईसीआरपी (कृषि में महिला) ने अपने संबोधन में कहा कि न्यूट्री स्मार्ट विलेज प्रोग्राम की पहल का उद्देश्य लोगों को कुपोषण दूर करने के लिए जागरूक करना है। इसलिए, इसमें कृषि और पोषण-उद्यान के माध्यम से कृषि से जुड़े महिलाओं और स्कूली बच्चों को शामिल करके ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण जागरूकता, शिक्षा और परिवर्तन को बढ़ावा देना भी शामिल है।पौष्टिक भोजन नहीं लेने से बड़ी संख्या में गांव की महिलाए कुपोषण का शिकार हो जाती हैं. ऐसे में इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को इसकी आवश्यकता और महत्व से अवगत कराना है, ताकि कुपोषण मुक्त गांव बन सके. साथ ही लोगों को खुद इसके प्रति जागरूक होना चाहिए। 

कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि डॉ. आई जे माथुर, रिटायर्ड निदेशक- अनुसंधान ने अपने  स्वागत भाषण में स्पष्ट किया कि कुपोषण मुक्त गांवों के लक्ष्य के साथ-साथ पोषण अभियान को मजबूत करने के लिए पोषक-गांव/पोषक भोजन/पोषक आहार/पोषक थाली पर जोर दिया जाना चाहिए ।

कार्यक्रम के पूर्व  डॉ दास ने सभी के साथ  न्यूट्री स्मार्ट विलेज प्रोग्राम के अंतर्गत मदार व लॉयरा गांव में लगाई गई  मौसमी पोषण वाटिकाओ का निरीक्षण भी किया। उन्होंने पोषण वाटिकाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि पोषण वाटिका एवं कृषि पोषण को बढ़ावा देने के लिए इन पर ध्यान देना बहुत ही जरूरी है क्योंकि पोषण वाटिका से ही कुपोषण जैसी गंभीर समस्या का खात्मा किया जा सकता है। साथ ही उनके द्वारा मदार गांव के सरकारी विद्यालय में पौधारोपण भी किया गया ।

फील्ड विजिट के पश्चात डॉ लिपि दास द्वारा  महाविद्यालय के सभी विभागों की एआईक्रिप उपकरण प्रयोगशाला का अवलोकन किया गया। तत्पश्चात सभी अखिल भारतीय संबंधित अनुसंधान परियोजना के मुख्य अनुसंधानकर्ताओं के साथ महाविद्यालय के कांफ्रेंस हॉल  में बैठक की गई एवं न्यूट्री स्मार्ट विलेज प्रोग्राम की समीक्षा पर विस्तृत मैं चर्चा की गई।

अखिल भारतीय संबंधित अनुसंधान परियोजना के इकाई सदस्यों में डॉ सुधा बाबेल ,डॉ गायत्री तिवारी, डॉ हेमू राठौड़ और डॉ विशाखा सिंह का कार्यक्रम संपादन में महत्वपूर्ण योगदान रहा।

डॉ विशाखा बंसल, इकाई समन्वयक, अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना मे स्वागत उद्बोधन के साथ ही न्यूट्री स्मार्ट विलेज कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा सभी के साथ साझा की तथा गणमान्य व्यक्तियों प्रख्यात वक्ताओं और आयोजन दल को धन्यवाद प्रेषित करते हुए सत्र का समापन किया।

डॉ कुसुम शर्मा,डॉ सीमा डांगी,डॉ स्नेहा जैन और कु. यशवंत मेनारिया ने आयोजन दल के रूप में तकनीकी सहयोग प्रदान किया |

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