राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, किसानों को सखियां सिखाएगी गुर

19 मई 2025, भोपाल: बिहार में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, किसानों को सखियां सिखाएगी गुर – बिहार में वहां की सरकार अब प्राकृतिक खेती को पूरी तरह से बढ़ावा दे रही है। हालांकि इसका परिणाम भी सार्थक रूप से मिल रहा है लेकिन बावजूद इसके अब सरकार किसानों को कृषि सखियों के माध्यम से प्राकृतिक खेती करने के गुर सिखाने का भी काम शुरू करने वाली है.

राज्य की सरकार आठ सौ कृषि सखियों का चयन करेगी और प्रत्येक कलस्टर में दो कृषि सखियों की नियुक्ति की जाएगी जिनके द्वारा गांव गांव जाकर किसानों को प्राकृतिक खेती करने के तौर तरीके बताएं जाएंगे .   इन सखियों को कुल 16 दिनों तक किसानों को प्रशिक्षण देना होगा . बिहार सरकार कृषि विभाग के मुताबिक, कृषि सखियों का मुख्य काम किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करना, पंजीकरण कराना, प्रशिक्षण दिलाना और फसल चक्र के दौरान तकनीकी मार्गदर्शन देना होगा. इन्हें प्रशिक्षित करने के लिए किसान मास्टर प्रशिक्षक कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्र और प्राकृतिक खेती संस्थानों की मदद ली जाएगी. कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए इन्हें मोबाइल डिवाइस के लिए सहायता राशि दी जाएगी, ताकि मोबाइल से किसानों को तुरंत सलाह दे सकें. प्राकृतिक खेती के लिए चयनित 400 क्लस्टरों में 7 कार्यक्रम प्रति क्लस्टर यानी कुल 2800 कार्यक्रम होंगे. प्रत्येक कार्यक्रम में 50 प्रतिभागी भाग लेंगे. इसका उद्देश्य प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन के रूप में विकसित करना है. राज्य में पंजीकृत 50 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती योजना का फायदा मिलेगा, इन्हें प्रति एकड़ प्रति वर्ष 4,000 रुपये प्रोत्साहन दी जाएगी. इसके तहत अभी 20 हजार हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती कराई जाएगी. 266 भारतीय प्राकृतिक जैव-उपादान संसाधन केंद्र की स्थापना की जाएगी, जिससे किसानों को उपादानों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी.

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