नर्मदापुरम जिले में एक जिला एक उत्पाद के तहत रेशम की अपार संभावनाएं – मंत्री श्री सिंह
17 दिसंबर 2025, नर्मदापुरम: नर्मदापुरम जिले में एक जिला एक उत्पाद के तहत रेशम की अपार संभावनाएं – मंत्री श्री सिंह – प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री एवं नर्मदापुरम जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद के तहत जिले में पर्यटन को लिया गया है, लेकिन नर्मदापुरम जिले में रेशम की भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं, उन्होंने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा के सुझाव पर एक जिला एक उत्पाद के तहत पर्यटन के साथ-साथ ही रेशम की भी संभावना तलाशने के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह रविवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की प्रथम बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
प्रभारी मंत्री ने नवगठित समिति में शामिल विभिन्न क्षेत्रों के नामांकित सभी 20 सदस्यों का परिचय लिया और जिला विकास सलाहकार समिति के उद्देश्य एवं कार्य की विस्तार से जानकारी दी। कलेक्टर ने जिला विकास सलाहकार समिति के गठन के संबंध में जानकारी दी। बैठक में नामांकित सदस्यों ने बताया किसानों की सुविधा के लिए नकद में खाद बीज केंद्र विभिन्न ग्रामों में स्थापित किए जाएं। बैठक में सांसद गणों एवं विधायक गणों ने भी उपयोगी सुझाव दिए।
बैठक में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं नर्मदापुरम विधायक डॉक्टर सीता सरन शर्मा, सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, पिपरिया के विधायक श्री ठाकुरदास नागवंशी, सिवनी मालवा के विधायक श्री प्रेम शंकर वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राधा पटेल, नगर पालिका नर्मदापुरम की अध्यक्ष श्रीमती नीतू महेंद्र यादव, श्रीमती प्रीति शुक्ला, कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना, पुलिस अधीक्षक श्री साई कृष्णा एस थोटा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हिमांशु जैन, सहित समिति के सदस्य गण एवं संबंधित विभाग के अधिकारीगण एवं जनप्रतिनिधि गण उपस्थित रहे।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture


