Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

मिलेट्स फसलें विषम परिस्थितियों में भी देती हैं बेहतर उत्पादन

मध्य प्रदेश में फसलवार चिन्हित जिले

22 फरवरी 2023,  भोपाल ।  मिलेट्स फसलें विषम परिस्थितियों में भी देती हैं बेहतर उत्पादन – अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष 2023 में म.प्र. अपनी महती भूमिका निभा रहा है। मिलेट फसलें विषम परिस्थितियों में भी बेहतर उत्पादन देती हंै। यह फसलें कम पानी, कम उर्वरक और कम कीटनाशकों के साथ कम उपजाऊ मिट्टी में भी उपज देती हंै, इसलिए इन्हें क्लाईमेट स्मार्ट अनाज कहा जाता है। मिलेट वर्ष में इन अनाजों को कई नाम दिए गए हैं जैसे मोटे अनाज, पोषक अनाज, श्रीअन्न आदि। ज्वार, बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी फसलें राज्य के 8 संभागों के कई जिलों में ली जाती हंै जिसमें कई जिले शामिल हैं।

जानकारी के मुताबिक राज्य में 2021-22 में मिलेट्स के तहत ज्वार 1 लाख 24 हजार हेक्टेयर में, बाजरा 3 लाख 43 हजार हेक्टेयर में एवं कोदो-कुटकी लगभग 90 हजार हेक्टेयर में ली गई हंै जिसका अनुमानित उत्पादन क्रमश: 2.41 लाख टन , 8.69 लाख टन एवं 77 हजार टन होने की संभावना है।

राज्य कृषि विकास योजना के तहत राज्य मिलेट एवं जैविक मिशन को सहायता प्रोजेक्ट में जिलों में उत्पादित होने वाली फसलों का चयन किया गया है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

कोदो-कुटकी के जिले– जबलपुर, कटनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, मंडला, डिण्डोरी, सिंगरौली, रीवा, सीधी, सतना, बैतूल, शहडोल एवं अनूपपुर।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

बाजरा के जिले– छिंदवाड़ा, छतरपुर, सीधी, धार, अलिराजपुर, खरगोन, बड़वानी, मुरैना, श्योपुर, भिण्ड, ग्वालियर, शिवपुरी एवं दतिया।

ज्वार के जिले– छिंदवाड़ा, डिण्डोरी, दमोह, पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, धार, झाबुआ, अलिराजपुर, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, बुरहानपुर, मुरैना, श्योपुर, भिण्ड, दतिया एवं बैतूल।

प्रदेश के इन जिलों में मिलेट्स फसलों पर फोकस किया जा रहा है। परम्परागत रूप से भी यहां पोषक अनाज फसलें ली जाती हैं।

महत्वपूर्ण खबर: स्वाईल हेल्थ कार्ड के आधार पर ही फर्टिलाइजर डालें