Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

जबलपुर में चना और मसूर उपार्जन की व्यवस्थाओं को लेकर बैठक, उप संचालक ने नियमों का पालन करने के लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

01 अप्रैल 2026, जबलपुर: जबलपुर में चना और मसूर उपार्जन की व्यवस्थाओं को लेकर बैठक, उप संचालक ने नियमों का पालन करने के लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश – किसानों से समर्थन मूल्य पर चना, मसूर उपार्जन की व्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को उप संचालक कृषि की अध्यक्षता में उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों, समिति प्रबंधकों एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर की बैठक का आयोजन किया गया। कार्यालय उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग में संपन्न हुई इस बैठक में जिला विपणन अधिकारी, जिला प्रबंधक नेफेड एवं सचिव कृषि उपज मंडी जबलपुर भी मौजूद थे।

बैठक में बताया गया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में चना एवं मसूर का उर्पाजन 30 मार्च से 28 मई तक किया जाएगा। किसानों से समर्थन मूल्य पर चना एवं मसूर के उपार्जन के लिये जिला उर्पाजन समिति की अनुशंसा पर प्रत्येक विकासखंड में एक और कुल सात उपार्जन केन्द्रों की स्थापना की गई है।

बैठक में उप संचालक कृषि डॉ एस के निगम ने बताया कि किसानों से चना का उपार्जन 5 हजार 875 रुपये प्रति क्विंटल तथा मसूर 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर पर उपार्जन किया जायेगा। उन्होंने उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों, संबंधित समिति प्रबंधकों एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर्स को चना और मसूर की खरीदी में उपार्जन नीति के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

बैठक में जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष केवल ओटीपी के माध्यम से चना और मसूर की खरीदी मान्य नहीं होगी। उपार्जन के पहले किसान का बायोमेट्रिक सत्यापन करना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार यदि किसी कृषक ने पंजीयन के समय परिवार के किसी सदस्य को नॉमिनी नियुक्त किया है तो उस किसान की अनुपस्थिति में नॉमिनी से चना और मसूर का उपार्जन किया जा सकता है, लेकिन ऐसी स्थिति में खरीदी के पजल नॉमिनी का आधार और बायोमेट्रिक सत्यापन करना जरूरी होगा।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

उपार्जन केंद्रों के समिति प्रबंधकों एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर को जिला प्रबंधक नेफेड ने एफएक्यू चना और मसूर का उपार्जन करने के ही निर्देश बैठक में दिये। उन्होंने कहा कि एफएक्यू मापदण्ड से निम्न गुणवत्ता का चना और मसूर की खरीदी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों को प्रत्येक दिन की ऑनलाइन खरीदारी एवं भौतिक मात्रा का मिलान करते हुये रिपोर्ट जिला स्तर पर प्रस्तुत करने निर्देशित किया गया।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture