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राज्य कृषि समाचार (State News)

धान की खेती में बड़ा बदलाव! बालाघाट के किसानों ने अपनाई DSR तकनीक, कम लागत में मिलेगी ज्यादा पैदावार

30 जून 2026, भोपाल: धान की खेती में बड़ा बदलाव! बालाघाट के किसानों ने अपनाई DSR तकनीक, कम लागत में मिलेगी ज्यादा पैदावार – मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में धान की खेती को अधिक लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में किसानों ने नई पहल शुरू कर दी है। विकासखंड कटंगी के ग्राम पंचायत सुकली अंतर्गत ग्राम सीतापठोर और सुकली में किसान अब डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) तकनीक को तेजी से अपना रहे हैं। कृषि विभाग के मार्गदर्शन में अब तक 9 प्रगतिशील किसानों ने सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई कर आधुनिक खेती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।

सुपर सीडर मशीन से शुरू हुई धान की बुवाई

कृषि विस्तार अधिकारी विशेष बागड़े के मार्गदर्शन में ग्राम सीतापठोर के प्रगतिशील किसान राकेश सूर्यवंशी ने विभागीय धान किस्म जेआर-21 की 10 एकड़ भूमि में सुपर सीडर मशीन के जरिए डीएसआर तकनीक से बुवाई की। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य खेती की लागत कम करना, सिंचाई के पानी की बचत करना और उत्पादन बढ़ाना है।

अन्य किसान भी हुए प्रेरित

राकेश सूर्यवंशी ने अपने खेत पर आसपास के किसानों को डीएसआर तकनीक के फायदे भी बताए। इससे प्रेरित होकर वेंकट/हरिकिशन चौधरी ने 10 एकड़, प्रवीण सिंगारे ने 2 एकड़ तथा राहंगडाले परिवार ने भी अपने खेतों में डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

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इसी क्रम में कृषि विस्तार अधिकारी के मार्गदर्शन में वैभव पालिवाल ने 5 एकड़, मुन्नालाल जैसवाल ने 5 एकड़, तुकाराम राहंगडाले ने 4 एकड़, आत्माराम सोनी ने 5 एकड़, मुरलीधर सोनगड़े ने 2 एकड़ तथा नरेंद्र जैतवार ने 2 एकड़ क्षेत्र में सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर तकनीक अपनाकर धान की बुवाई की है।

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डीएसआर तकनीक से किसानों को होंगे कई फायदे
कृषि विभाग किसानों को खेतों पर ही डीएसआर तकनीक के व्यावहारिक लाभों की जानकारी दे रहा है। विभाग के अनुसार इस तकनीक से बीज और श्रम लागत में कमी आती है, सिंचाई के पानी की बचत होती है, समय पर बुवाई संभव होती है और बेहतर उत्पादन मिलने की संभावना बढ़ जाती है। 

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