यूपी के आलू किसानों को योगी सरकार की बड़ी राहत, भाव गिरने पर मिलेगा अनुदान; कोल्ड स्टोरेज और बीज पर भी सहायता
22 अगस्त 2026, लखनऊ: यूपी के आलू किसानों को योगी सरकार की बड़ी राहत, भाव गिरने पर मिलेगा अनुदान; कोल्ड स्टोरेज और बीज पर भी सहायता – उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में आलू उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए तीन महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य आलू की कीमतों में गिरावट से होने वाले नुकसान को कम करना, कोल्ड स्टोरेज में भंडारण की लागत घटाना और गुणवत्तापूर्ण आलू बीज किसानों को कम कीमत पर उपलब्ध कराना है।
योजनाओं के पारदर्शी और सुगम क्रियान्वयन के लिए प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने लखनऊ स्थित उद्यान भवन में नव विकसित ऑनलाइन पोर्टल potato-uphorticulture.in का शुभारंभ किया। सरकार के मुताबिक इन योजनाओं से किसानों को बाजार भाव, भंडारण और बीज—तीनों स्तरों पर आर्थिक सहायता मिलेगी।
1000 करोड़ रुपये का भाव स्थिरता कोष
आलू की बंपर पैदावार होने पर बाजार भाव गिरने से किसानों को अपनी उपज कम कीमत पर बेचनी पड़ती है। इस समस्या से राहत देने के लिए सरकार ने 1000 करोड़ रुपये के भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना की है। इसके लिए फिलहाल 100 करोड़ रुपये की टोकन धनराशि का प्रावधान किया गया है।
योजना के तहत कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति आलू की उत्पादन लागत निर्धारित करेगी। किसानों को निर्धारित उत्पादन लागत के 25 प्रतिशत या उत्पादन लागत और बिक्री दर के अंतर, दोनों में से जो राशि कम होगी, उतने की अनुदान सहायता दी जाएगी।
प्रति किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर पर लाभ
भाव स्थिरता योजना में एक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए लाभ मिलेगा। प्रति हेक्टेयर अधिकतम 240 क्विंटल आलू पर अनुदान अनुमन्य होगा। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से करीब 12 से 14 लाख किसान लाभान्वित होंगे।
अनुदान की राशि आधार-सीडेड डीबीटी के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। किसान के लिए क्रेता-विक्रेता सौदा प्रपत्र प्रस्तुत करना भी अनिवार्य होगा। आलू की बिक्री मंडी, उपमंडी, शीतगृह परिसर अथवा प्रक्षेत्र पर की जा सकेगी। पात्रता पूरी होने पर किसान को योजना के तहत अनुदान मिलेगा।
भाव स्थिरता योजना की क्रियान्वयन अवधि 1 जनवरी से 15 अप्रैल तथा 1 जुलाई से 31 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने पर ₹100 प्रति क्विंटल अनुदान
आलू को तत्काल कम भाव में बेचने के बजाय शीतगृह में भंडारित करने वाले किसानों को भी सरकार ने राहत दी है। प्रदेश के 2,363 निजी शीतगृहों में 173.03 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित है।
भंडारण लागत कम करने के लिए लागू योजना के तहत किसानों को ₹100 प्रति क्विंटल की दर से अनुदान मिलेगा। एक किसान को अधिकतम ₹20,000 तक का लाभ दिया जाएगा। सरकार के अनुसार इस योजना से 15 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हो सकते हैं। योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की टोकन धनराशि का प्रावधान किया गया है।
आलू बीज पर ₹1,000 प्रति क्विंटल तक छूट
किसानों की उत्पादन लागत कम करने के लिए सरकार ने आलू बीज विक्रय दर में छूट योजना भी लागू की है। इसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
योजना के तहत विभागीय आधारीय आलू बीज खरीदने वाले किसानों को अधिकतम ₹1,000 प्रति क्विंटल तक की छूट मिलेगी। इससे प्रति हेक्टेयर खेती की लागत कम करने में मदद मिलेगी। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से 15 हजार से अधिक किसान लाभान्वित होंगे।
तीन स्तरों पर राहत
योगी सरकार की इन तीन योजनाओं के जरिए आलू किसानों को उत्पादन के बाद संभावित भाव गिरावट, भंडारण खर्च और खेती के लिए आवश्यक गुणवत्तापूर्ण बीज की लागत—तीनों मोर्चों पर राहत देने का प्रयास किया गया है। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन और डीबीटी से भुगतान की व्यवस्था से योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
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