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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में 2026 होगा ‘कृषि वर्ष’: जनवरी से नवंबर तक प्रदेशभर में होंगे किसान मेले और महोत्सव

04 जनवरी 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में 2026 होगा ‘कृषि वर्ष’: जनवरी से नवंबर तक प्रदेशभर में होंगे किसान मेले और महोत्सव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि वर्ष 2026 को मध्यप्रदेश में ‘कृषि वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश के किसानों की आय में वृद्धि करना, कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना और “समृद्ध किसान–समृद्ध प्रदेश” के लक्ष्य को साकार करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में विविध जलवायु क्षेत्र, पर्याप्त सिंचाई सुविधाएं और बेहतर रोड नेटवर्क उपलब्ध है, जिसका लाभ लेकर खेती को और अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार समत्व भवन, भोपाल में कृषि वर्ष-2026 के अंतर्गत कृषि एवं इससे जुड़े सहायक विभागों द्वारा तैयार की गई कार्य योजना की समीक्षा बैठक के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि वर्ष के तहत शुरू की जाने वाली सभी गतिविधियां तीन वर्ष के स्पष्ट लक्ष्य के साथ संचालित की जाए, ताकि इसके दूरगामी और स्थायी परिणाम सामने आ सकें।

किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार सृजन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि वर्ष-2026 में किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा, किसानों के क्षमता विकास हेतु प्रशिक्षण और भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को गति दी जाएगी। इसके साथ ही उद्यानिकी विस्तार, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के गठन और उन्हें सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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उन्होंने कहा कि माइक्रो इरीगेशन को प्रोत्साहित कर सिंचाई लागत घटाई जाएगी, सस्ती ब्याज दरों पर ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी और बेहतर बाजार नेटवर्क के माध्यम से किसानों को उनके उत्पाद का वाजिब मूल्य दिलाया जाएगा। पशुपालन, डेयरी और मछली पालन जैसी सहायक गतिविधियों को भी किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया जाएगा।

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जलवायु अनुकूल खेती और नवाचार पर फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जलवायु परिवर्तन को देखते हुए जलवायु अनुकूल कृषि प्रबंधन और सस्टेनेबल एग्रीकल्चर को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने श्रीअन्न (मिलेट्स) उत्पादन को प्रोत्साहित करने, जैव विविधता और परंपरागत कृषि ज्ञान के संरक्षण तथा प्राकृतिक और जैविक खेती के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और डिजिटल तकनीकों को अपनाकर प्रदेश की कृषि को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई जाए। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों, बाजार और योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

किसानों को उन्नत राज्यों और देशों का कराया जाएगा भ्रमण

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में अन्य राज्यों में हो रहे सफल नवाचारों से किसानों को अवगत कराया जाए। इसके साथ ही किसानों को कृषि में उन्नत राज्यों और इजराइल तथा ब्राजील जैसे देशों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर अपनी खेती को और अधिक लाभकारी बना सकें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि समृद्ध किसान–समृद्ध प्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किसान कल्याण, सहकारिता, पशुपालन एवं डेयरी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, ऊर्जा, मत्स्य विकास और सिंचाई विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे।

प्रदेशभर में फूलों की खेती को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जिलों में फूलों की खेती को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोपाल में आयोजित होने वाले गुलाब महोत्सव को पुष्प महोत्सव के रूप में आयोजित किया जाए, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों में उत्पादित अन्य फूलों को भी शामिल किया जाएगा।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2028 में भोपाल में “इंटरनेशनल रोज़ कॉम्पिटिशन” आयोजित होना प्रस्तावित है। वहीं सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन जिले में 100 एकड़ क्षेत्र में फूलों की खेती को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है।

जनवरी से नवंबर 2026 तक होंगे किसान मेले और महोत्सव

कृषि वर्ष-2026 के अंतर्गत जनवरी से नवंबर तक प्रदेशभर में किसान मेले, महोत्सव, सम्मेलन, संगोष्ठियां और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें सोयाबीन, धान, गन्ना, आम, सब्जी, कपास, मिर्च, फूल, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े आयोजन शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों, सरकारी योजनाओं और बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

मंडी आधुनिकीकरण से किसानों को मिलेगा बेहतर दाम

बैठक में यह भी बताया गया कि मंडियों के आधुनिकीकरण के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जाएंगी। e-NAM के माध्यम से मंडियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे साफ, ग्रेडेड और पैक्ड उपज के जरिए प्रदेश के कृषि उत्पादों की राष्ट्रीय बाजारों में भागीदारी बढ़ेगी। इससे किसानों को बेहतर और प्रतिस्पर्धी मूल्य प्राप्त होंगे और उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सकेगी।

समीक्षा बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

कृषि वर्ष-2026 की समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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