दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा मध्यप्रदेश, मिशन की निगरानी के लिए राज्य संचालन समिति गठित
21 अगस्त 2026, भोपाल: दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा मध्यप्रदेश, मिशन की निगरानी के लिए राज्य संचालन समिति गठित – भारत सरकार द्वारा प्रदेश में प्रारंभ किये गये मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेस की गतिविधियों की मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तरीय दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के संबंध में राज्य शासन ने कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में राज्य संचालन समिति का गठन किया है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश अनुसार समिति में सचिव, सहकारिता, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, वित्त,खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, कुलपति जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर, कुलपति राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर, संचालक केन्द्रीय अभियांत्रिकी संस्थान नवीबाग भोपाल, संचालक, केन्द्रीय मृदा विज्ञान संस्थान नवीबाग भोपाल, प्रदेश प्रभारी नाबार्ड, नोडल अधिकारी, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, दलहन एफपीओएस कोऑपरेटिव्स, वीसीपीएसके दो प्रतिनिधि, अध्यक्ष द्वारा नामित दलहन, बीज उत्पादन आदि के दो उद्योग के प्रतिनिधि, भारत सरकार किसान कल्याण तथा कृषि विकास के प्रतिनिधि सदस्य होंगे। संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास/ राज्य मिशन संचालक को सदस्य-सचिव बनाया गया है।
समिति राज्य में मिशन की गतिविधियों की देखरेख और संचालन करेगी। इसकी प्राथमिक जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना होगी कि राज्य एजेंसियों, ज़िला निकायों और केंद्र सरकार के साथ समन्वय करते हुए, मिशन के उद्देश्यों को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी परिणामों में परिवर्तित किया जाएगा।
राज्य संचालन समिति के दायित्व
मिशन के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए निर्धारित समग्र नीति दिशा निर्देशों के अंतर्गत राज्य/संघ राज्य क्षेत्र में मिशन कार्यान्वयन की समग्र निगरानी की जायेगी।क्लस्टरों की पहचान और गठन एक बार की प्रक्रिया होगी।एसएससीपी अपनी बैठक में जिलों/क्लस्टरों की स्थिति की समीक्षा करेगा और आवश्यक परिवर्तनों या संशोधनों पर विचार करेगा, जिन्हें एनएससीपी को उनकी समीक्षा और अनुगंदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
दलहन की खेती और उत्पादन के लिए बनेगी कार्ययोजना
राज्य को सौंपे गए एपीवाई लक्ष्यों और उसकी निगरानी के आधार पर दलहन की खेती और उत्पादन के लिए राज्य दलहन कार्य योजना को अंतिम रूप देना,भारत सरकार, कृषि एवं किसान कल्याण को वार्षिक राज्य कार्य योजना प्रेषित करने के पूर्व मिशन के लक्ष्यों एवं उद्देश्य के दृष्टिगत संभावित वार्षिक राज्य कार्य योजना को अंतिम रूप देना,भारत सरकार, कृषि एवं किसान कल्याण को प्रस्तुत नियमित रिपोर्टों के साथ प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों पर नज़र रखकर राज्य स्तर पर मिशन की प्रगति की निगरानी की जायेगी।
जिला मिशनों की कार्यप्रणाली पर भी नजर
समिति द्वारा आवश्यक बुनियादी ढाँचे और कटाई के बाद प्रसंस्करण सुविधाओं आदि के विकास के लिए राज्य स्तरीय वित्तीय संसाधन आवंटन की देखरेख करना,जिला मिशनों के कामकाज और प्रगति की निगरानी की जायेगी और उनकी दक्षता बढ़ाने के लिए निर्देश जारी करना और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित करना,मिशन के कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित करने और इसे राज्य की कृषि नीतियों और विकास योजनाओं के साथ संरेखित करने के लिए संबंधित विभागों कृषि, सिंचाई, वित्त, ग्रामीण विकास आदि के साथ समन्वय करके अन्य केंद्रीय और राज्य योजनाओं के साथ अभिसरण सुनिश्चित करना,राज्य में मिशन के कुशल क्रियान्वयन के लिए प्रासंगिक मामले और दायित्वों का निर्वहन करेगी। एसएससीपी के अध्यक्ष आवश्यक होने पर अतिरिक्त अधिकारियों/महत्वपूर्ण व्यक्तियों को नामित कर सकते हैं।एसएससीपी की बैठक वर्ष में दो बार होगी।
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