मध्य प्रदेश में मंडी शुल्क अपवंचन पर सख्त रुख: एमडी ने दिए कठोर कार्रवाई के निर्देश
04 नवंबर 2025, भोपाल: मध्य प्रदेश में मंडी शुल्क अपवंचन पर सख्त रुख: एमडी ने दिए कठोर कार्रवाई के निर्देश – मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड ने मंडी शुल्क अपवंचन और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से कृषि उपज के अवैध परिवहन के मामलों पर सख्त रुख अपनाया है। मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री कुमार पुरुषोत्तम ने इस संबंध में सभी आंचलिक संयुक्त संचालकों एवं मंडी सचिवों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
बोर्ड के संज्ञान में यह तथ्य आया है कि कुछ व्यापारी एवं परिवहनकर्ता मूंगफली जैसी अधिसूचित कृषि उपज का परिवहन फर्जी बिल, बिल्टी और अनुज्ञापत्रों के माध्यम से कर रहे हैं, जिससे मंडी शुल्क की चोरी हो रही है। ग्वालियर-चंबल, सागर और जबलपुर संभागों से ऐसे कई प्रकरण सामने आए हैं, जिनका खुलासा मंडी समितियों और उड़नदस्ता दलों की जांच में हुआ है।
श्री कुमार पुरुषोत्तम ने स्पष्ट कहा है कि “जिन मामलों में जानबूझकर कूटरचना कर मंडी दस्तावेजों में हेराफेरी की गई है और मंडी समिति को आर्थिक क्षति पहुँचाई गई है, उनमें केवल प्रशमन शुल्क लेकर मामला निपटाना पर्याप्त नहीं है।” उन्होंने सभी आंचलिक अधिकारियों को ऐसे मामलों में दंडात्मक और वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
निर्देशों के अनुसार:
- कृषि उपज के परिवहन के दौरान अनुज्ञापत्र के QR कोड की स्कैनिंग कर सत्यापन किया जाए।
- फर्जी अनुज्ञापत्रों के मामलों में मंडी अधिनियम की धारा 53 के अंतर्गत प्रशमन न किया जाए, बल्कि कठोर कार्रवाई की जाए।
- संबंधित कृषि उपज को जप्त (Seize) कर धारा 23 के तहत कार्यवाही की जाए और एफ.आई.आर. दर्ज कराई जाए।
- दोषी व्यापारियों की अनुज्ञप्ति रद्द कर मंडी शुल्क एवं निराश्रित शुल्क की पूर्ण वसूली की जाए।
मंडी बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे प्रकरणों में यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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