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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश: रिज एंड फरो तकनीक से बीना में सोयाबीन की खेती को मिली नई दिशा

04 अक्टूबर 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश: रिज एंड फरो तकनीक से बीना में सोयाबीन की खेती को मिली नई दिशा – सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत ‘कहानी सेवा की’ श्रृंखला में आज हम बात कर रहे हैं, बदलती कृषि परिस्थितियों के बीच आधुनिक तकनीक किसानों के लिए नई संभावनाएं खोल रही है। सागर जिले के बीना विकासखंड में रिज एंड फरो तकनीक से सोयाबीन की खेती इसका उदाहरण बन रही है। अनेक किसानों ने इस वैज्ञानिक पद्धति को अपनाया है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

 ग्राम करौंदा के प्रगतिशील किसान मोहित यादव ने लगभग 60 एकड़ क्षेत्र में रिज एंड फरो तकनीक से सोयाबीन की बुवाई की है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवधेश राय ने उनके खेत का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फसल स्वस्थ और संतोषजनक स्थिति में पाई गई। पौधों का समान विकास, बेहतर अंकुरण तथा खेत में नमी और जल निकास की व्यवस्था तकनीक की उपयोगिता को दर्शा रही थी।

कृषि अधिकारियों के अनुसार रिज एंड फरो तकनीक वर्षा आधारित खेती में विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है। इस पद्धति में खेत में जलभराव की समस्या को कम करने के साथ मिट्टी में आवश्यक नमी बनाए रखने में मदद मिलती है। इससे पौधों की जड़ों के बेहतर विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं।

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मोहित यादव सहित बीना विकासखंड के कई किसानों द्वारा इस तकनीक को अपनाया जाना आधुनिक कृषि पद्धतियों के प्रति किसानों के बढ़ते रुझान को दर्शाता है। तकनीक के माध्यम से पानी और मिट्टी के बेहतर प्रबंधन के साथ सोयाबीन उत्पादन को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

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