मध्यप्रदेश: आईसीएआर पूसा मेले में रायसेन के किसान मुकेश कुशवाह ‘इनोवेटिव फार्मर’ अवार्ड से हुए सम्मानित
02 मार्च 2026, रायसेन: मध्यप्रदेश: आईसीएआर पूसा मेले में रायसेन के किसान मुकेश कुशवाह ‘इनोवेटिव फार्मर’ अवार्ड से हुए सम्मानित – आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली द्वारा 25 से 27 फरवरी तीन दिवसीय कृषि विज्ञान मेला के दौरान रायसेन जिले के बेगमगंज विकासखण्ड के युवा व प्रगतिशील कृषक मुकेश कुशवाह को कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये इनोवेटिव फार्मर (नवोन्मेषी कृषक) से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार आईसीएआर के पूर्व महानिदेशक डॉ. आरएस परोदा, आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के निदेशक डॉ. सीएच श्रीनिवास राव एवं संयुक्त निदेशक (प्रसार) आरएन पडारिया द्वारा दिया गया।
इस पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 का शुभारंभ दिनांक 25 फरवरी को केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी एवं आई.सी.ए.आर.,नई दिल्ली के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट द्वारा किया गया। इस वर्ष की थीम ‘‘विकसित कृषि- आत्मनिर्भर भारत’’ है जो किसान की आजीविका सुदृढ़ करने तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर देती है।
भारत सरकार के कृषि मंत्रालय अंतर्गत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा संचालित विकसित कृषि संकल्प अभियान (29 मई – 12 जून, 2025) के तहत प्रकाशित पुस्तक में देश के 731 जिलों से चयनित 110 प्रगतिशील कृषकों के नवाचार को स्थान दिया गया। इसमें मुकेश कुशवाह का लो प्रेशर इरिगेशन सिस्टम संशोधित वेंचुरी इंजेक्टर के नवाचार को शामिल किया गया है। कृषक नवाचार- संशोधित वेंचुरी उपकरण से कम जल दबाव पर भी ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई के माध्यम से उर्वरकों व जैव कीटनाशकों को समान रूप से फसल में दिया जा सकता है। इस तरह से फर्टीगेशन करने से 15 से 20 प्रतिशत तक सुधार होता है। इससे पानी की बचत और मिट्टी का संरक्षण भी होता है।
वर्तमान में दिव्यांग कृषक मुकेश कुशवाह के द्वारा 5 एकड़ की खेती में ड्रिप व मल्चिंग तकनीक से मिर्च, टमाटर, बेंगन व गेहूं, चना की खेती की जा रही है। जिसमें वर्मीवॉश व जीवामृत का उपयोग इसी वेंचुरी की माध्यम से फसलों में किया जा रहा है। फसलों में कीट नियंत्रण के लिए 10 पर्णी अर्क, नीमास्त्र, ब्रहास्त्र का भी उपयोग कर उच्च गुणवत्ता की फसल को तैयार किया जा रहा है।
साथ ही आगामी जायद मौसम में कद्दूवर्गीय सब्जियां गिल्की, ककड़ी, तरबूज आदि की पौध रोपाई की तैयारी कर रहे है। कृषि विज्ञान केन्द्र, रायसेन, वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख, डॉ. स्वप्निल दुबे व उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. मुकुल कुमार के द्वारा समय समय पर तकनीकी मार्गदर्शन एवं उद्यान अधिकारी देवकी मरकाम व उमाशंकर कुशवाहा विभागीय योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। श्री मुकेश कुशवाह को नवोन्मेषी पुरस्कार से सम्मानित होने व राष्ट्रीय स्तर पर रायसेन जिले का नाम रोशन करने के अवसर पर सभी वैज्ञानिकों एवं कृषकों की ओर से बहुत-बहुत बधाई दी है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

