राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्य प्रदेश: किसानों के लिए समृद्धि की नई राहें, दलहन उत्पादन में 42.62% की वृद्धि

Share

06 जुलाई 2024, भोपाल: मध्य प्रदेश: किसानों के लिए समृद्धि की नई राहें, दलहन उत्पादन में 42.62% की वृद्धि – मध्य प्रदेश की आर्थिक सर्वेक्षण 2023-2024 के कृषि और ग्रामीण विकास अध्याय ने राज्य के किसानों और ग्रामीण विकास के लिए नई उम्मीदें जगाई हैं। राज्य के वित्तीय वर्ष 2023-24 के आर्थिक सर्वेक्षण में यह स्पष्ट हुआ है की मध्य प्रदेश कि कृषि और इससे संबंधित गतिविधियों में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 9.37 प्रतिशत की वृद्धि के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।

वर्ष 2023-24 में प्राथमिक क्षेत्र का योगदान वर्तमान मूल्यों पर 45.53% रहा, जिससे यह क्षेत्र मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बन गया। प्राथमिक क्षेत्र में कृषि, वानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन और खनन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

वित्तीय वर्ष 2023-24 में मध्य प्रदेश की राज्य सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 13,63,327 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह पिछले वित्तीय वर्ष के 12,46,471 करोड़ रुपये के राज्य जीडीपी से लगभग 9.37 प्रतिशत अधिक है।

मध्यप्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 का प्रकाशन न केवल प्रदेश की आर्थिक प्रगति को दर्शाता है, बल्कि समाजार्थिक समावेशन और लक्षित विकास का मूल्यांकन भी प्रस्तुत करता है। यह सर्वेक्षण वर्ष 2047 तक विकसित भारत और मध्यप्रदेश की परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए अधिक वास्तविकता और गहनता प्रदान करता है। प्रदेश के विभिन्न विभागों और संस्थाओं के आंकड़ों का उपयोग करते हुए, यह आर्थिक सर्वेक्षण राज्य की उपलब्धियों की बहुआयामी तस्वीर पेश करता है। – संजय कुमार शुक्ल, प्रमुख सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग।

फसलों के द्वितीय अग्रिम अनुमान एवं  श्रेणी के अनुसार फसल उत्पादन का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि अनाज की उत्पादकता में 1.91% की कमी आई, जबकि दलहनों में 42.62% की जबरदस्त वृद्धि हुई और तिलहनों में 7.32% की वृद्धि हुई। कुल मिलाकर, 2023-24 में कुल फसल उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में 0.20% की वृद्धि दर्ज की गई, जो इस अवधि के दौरान कृषि उत्पादन में सकारात्मक प्रवृत्ति को दर्शाती है

मध्य प्रदेश में धान बढ़ी, गेहूं घटा

मध्य प्रदेश में धान के क्षेत्र में वर्ष 2022-23 की तुलना में 2023-24 में 4.44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। धान का क्षेत्रफल 3848  हजार हेक्टेयर से बढ़कर 4019 हजार हेक्टेयर हो गया, जिससे उत्पादन में भी 4.41 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 13126  हजार टन से बढ़कर 13705 हजार टन हो गया। वहीं, गेहूं के क्षेत्र में 5.84 प्रतिशत की कमी आई, जिससे इसका क्षेत्रफल 9781 हजार हेक्टेयर से घटकर 9210 हजार हेक्टेयर हो गया। परिणामस्वरूप, गेहूं का उत्पादन भी 5.73 प्रतिशत की कमी के साथ 34977 हजार टन से घटकर 32972 हजार टन हो गया। इसके विपरीत, मक्का के क्षेत्र में 6.08 प्रतिशत की वृद्धि हुई और क्षेत्रफल 1448 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 1536 हजार हेक्टेयर हो गया, जिससे उत्पादन में 6.75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 4621 हजार टन से बढ़कर 4933 हजार टन हो गया।

दलहन और तिलहन उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि

दलहन फसलों के क्षेत्रफल में 31.35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे उत्पादन में 42.62 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कुल दलहन उत्पादन गत वर्ष 5394 रहा जो की 2023-24 में बढ़कर 7693 हो गया।चने के क्षेत्रफल में 11.29 प्रतिशत की वृद्धि हुई और इसका उत्पादन 11.39 प्रतिशत बढ़कर 3969 हजार मेट्रिक टन हो गया। उड़द, मूंग, मसूर और मटर के क्षेत्रफल में भी उल्लेखनीय बदलाव देखे गए। उड़द के क्षेत्रफल में 34.22 प्रतिशत की कमी आई और इसका उत्पादन 32.71 प्रतिशत घटकर 572 मेट्रिक टन हो गया, जबकि मूंग के क्षेत्र में 9.90 प्रतिशत वृद्धि हुई और इसका उत्पादन 10.55 प्रतिशत से बढ़कर 1886 हजार मेट्रिक टन हो गया, मसूर के क्षेत्रफल में 5.80 प्रतिशत वृद्धि हुई और इसका उत्पादन 5.98 प्रतिशत से बढ़कर 798 मेट्रिक टन हो गया और मटर के क्षेत्रफल में 111.36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और इसका उत्पादन 112.95 प्रतिशत से बढ़कर 296 मेट्रिक टन हो गया।

तिलहन फसलों के अंतर्गत कुल क्षेत्रफल में 4.01 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई गतवर्ष 8013 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 2023-24 में 8334 हजार हेक्टेयर हो गया।, जिससे इसका उत्पादन 7.32 प्रतिशत बढ़कर 9978 हजार मेट्रिक टन हो गया।

सोयाबीन के क्षेत्रफल में 1.76% की वृद्धि हुई, जिससे क्षेत्रफल पिछले वर्ष के 5974 हजार हेक्टर से बढ़कर 2023-24 में 6079 हजार हेक्टर हो गया और  इसके उत्पादन में 5.42% की वृद्धि आयी जिससे उत्पादन गत वर्ष 6332 हजार मेट्रिक टन से बढ़कर  6675 हजार मेट्रिक टन हो गया।

कृषि उत्पादन में वृद्धि और संरक्षण

मध्य प्रदेश में बीटी कपास की खेती वर्ष 2002-2003 में शुरू हुई, और इसके तहत 2023-24 तक 6.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 16 लाख पैकेट से कवरेज किया गया। इस अवधि में रासायनिक उर्वरकों का वितरण भी बढ़ा है, जिसमें नाइट्रोजन, फॉस्फेट और पोटैसियम का वितरण वर्ष 2023-24 में क्रमशः 19.44, 10.13 और 0.81 लाख मेट्रिक टन तक पहुँच गया। पौध संरक्षण के अंतर्गत फसलों को बीमारियों और कीटों से बचाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के तहत वर्ष 2023-24 में कुल 223.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पौध संरक्षण किया गया। यह सभी आंकड़े राज्य में कृषि क्षेत्र में हुए विकास को दर्शाते हैं ।

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Share
Advertisements