प्राकृतिक कृषि के लिए अनुकूल है मध्यप्रदेश : श्री देवव्रत

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राजभवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुआ विचार मंथन

19 अप्रैल 2022, भोपाल । प्राकृतिक कृषि के लिए अनुकूल है मध्यप्रदेश : श्री देवव्रत गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक कृषि की दृष्टि से अनुकूल है। शिवराज जैसे क्षमतावान नेता मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने अनेक क्षेत्रों में श्रेष्ठ कार्य किए हैं। श्री देवव्रत ने विश्वास व्यक्त किया कि शिवराज प्राकृतिक कृषि के क्षेत्र में भी म.प्र. में अच्छे परिणाम लाकर दिखाएंगे। प्राकृतिक कृषि का कार्य देखने के लिए म.प्र. के किसान गुजरात और हिमाचल प्रदेश में आमंत्रित हैं।

श्री देवव्रत राज भवन में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में एक विशेष बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों को प्राकृतिक कृषि के संबंध में विवरण दे रहे थे। कृषि मंत्री श्री कमल पटेल, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त श्री शैलेंद्र सिंह, अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं पशुपालन श्री जे.एन. कंसोटिया, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री मनीष रस्तोगी, राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा, प्रमुख सचिव श्री मुकेश चंद्र गुप्ता, कृषि संचालक श्रीमती प्रीति मैथिल उपस्थित थे।

स्वैच्छिक सहयोग से अच्छे परिणाम संभव

राज्यपाल श्री देवव्रत ने कहा कि यह कार्य स्वैच्छिक रूप से समर्पित भावना से किया जाएगा, तो ज्यादा परिणाम मूलक होगा। कृषि विभाग में आत्मा योजना से जुड़े अमले को सर्वप्रथम प्राकृतिक कृषि के लिए प्रशिक्षित किया जाए। प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके व्यक्ति प्राकृतिक कृषि के मास्टर ट्रेनर होंगे।

कैसी होगी बोर्ड की संरचना

श्री देवव्रत ने बताया कि बोर्ड में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अन्य मंत्री शामिल होते हैं। राज्य स्तरीय टास्क फोर्स भी कार्य कर सकता है, जिसके अध्यक्ष मुख्य सचिव हैं। इसके अलावा आत्मा परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर का जिम्मा दिया जा सकता है। श्री देवव्रत ने बोर्ड की संरचना का प्रारूप भी मध्यप्रदेश शासन को सौंपा। बोर्ड द्वारा कार्य प्रारंभ किए जाने के पश्चात प्रत्येक विकासखंड में किसान मित्र भी बनाए जाएंगे। बोर्ड के प्रमुख कार्यों में आत्मा से जुड़े स्टाफ को प्रशिक्षित करने, किसानों को क्षेत्र भ्रमण करवाने और प्रदर्शनी और प्रचार-प्रसार करने के कार्य शामिल हैं। प्राकृतिक कृषि करने वाले किसानों के सहयोग से विभिन्न प्रोसेसिंग यूनिट भी प्रारंभ करने की व्यूह रचना बनाई जाए। श्री देवव्रत ने गुजरात के आणंद में इस संबंध में हुए कार्यक्रम की भी जानकारी दी।

श्री देवव्रत का मार्गदर्शन उपयोगी

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्राकृतिक कृषि जनहित में आवश्यक है। इसे मिशन के रूप में प्रारंभ किया जाएगा। किसान को अपने खेत के एक चौथाई हिस्से से यह शुरूआत करने की प्रेरणा दी जाएगी। जिस तरह हिमाचल और गुजरात में प्राकृतिक कृषि के विकास के लिए बोर्ड बनाया गया है, मध्यप्रदेश भी यह कदम उठाएगा। प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। कृषि विभाग के ‘आत्मा’ प्रोजेक्ट से जुड़े अमले को प्रशिक्षित किया जाएगा। मध्यप्रदेश की टीम हिमाचल प्रदेश जाकर प्राकृतिक कृषि के सफल प्रयोगों को देखेगी।

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