मध्यप्रदेश: 100 एकड़ में जैविक खेती व गिर नस्ल की गायों के साथ किसान दंपती ने खड़ा किया सफल कृषि मॉडल, अन्य किसानों के लिए बने मिसाल
12 मार्च 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश: 100 एकड़ में जैविक खेती व गिर नस्ल की गायों के साथ किसान दंपती ने खड़ा किया सफल कृषि मॉडल, अन्य किसानों के लिए बने मिसाल – मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी तहसील के ग्राम हिंगानासीर निवासी किसान देवेंद्र सिंह सिसोदिया एवं उनकी पत्नी श्रीमती स्वाति सिंह सिसोदिया द्वारा जैविक खेती, डेयरी एवं मत्स्य पालन को एकीकृत रूप में अपनाकर कृषि क्षेत्र में एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया जा रहा है। किसान दंपती ने पारंपरिक खेती को आधुनिक एवं प्राकृतिक पद्धतियों के साथ जोड़ते हुए इसे सफल व्यवसाय के रूप में विकसित किया है।
100 एकड़ में शुरू की जैविक खेती
करीब तीन वर्ष पूर्व उन्होंने लगभग 100 एकड़ भूमि पर जैविक खेती की शुरुआत की। खेती में रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर गोबर की खाद तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही गुजरात से गिर नस्ल की गायें लाकर डेयरी इकाई स्थापित की गई है। वर्तमान में उनके फार्म पर लगभग 45 गिर नस्ल की गायें हैं, जिनसे प्राप्त दूध को प्रतिदिन उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता है।
फार्म पर जैविक पद्धति से मूंग, धान तथा तुअर (अरहर) की खेती की जा रही है। फसलों के उत्पादन में रासायनिक कीटनाशकों के स्थान पर नीम, मट्ठा तथा अन्य प्राकृतिक घोलों का उपयोग किया जाता है। फसल की कटाई के बाद उसे प्राकृतिक रूप से सुखाकर थ्रेसर के माध्यम से दाने अलग किए जाते हैं।
जीवामृत से बढ़ाई मिट्टी की उर्वरकता
मृदा की उर्वरता एवं उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए जीवामृत का उपयोग किया जा रहा है। जीवामृत में देसी गाय का गोबर, गौमूत्र, गुड़, बेसन, चने का आटा, जीवित मिट्टी तथा पानी मिलाकर तैयार किया जाता है, जिससे मिट्टी में सूक्ष्म जीवों की सक्रियता बढ़ती है और फसल की वृद्धि में सहायता मिलती है।
अन्य किसानों के लिए बने मिसाल
किसान दंपती द्वारा अन्य किसानों को भी जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए अनुबंध आधारित खेती की पहल की गई है, जिसके तहत किसानों से जैविक उत्पादन कराकर उन्हें बाजार मूल्य पर खरीदने का आश्वासन दिया जाता है। फार्म पर वर्मी कम्पोस्ट इकाई भी संचालित की जा रही है तथा धान, गेहूं, मसाला एवं हल्दी की जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कृषि एवं डेयरी गतिविधियों को व्यवस्थित रूप देने के उद्देश्य से “वासुदेव गिरी फूड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड” नामक कंपनी स्थापित की गई है। ‘श्रीदेवगिरी’ ब्रांड के माध्यम से गिर नस्ल की गाय का दूध, घी, पनीर, गेहूं, मूंग दाल तथा कच्ची घानी का तेल उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जा रहा है। सभी उत्पाद गुणवत्ता परीक्षण के बाद बाजार में उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा ऑनलाइन माध्यम से भी इनकी बिक्री की जा रही है। इस प्रकार किसान दंपती का यह प्रयास जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
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