मध्यप्रदेश: भैंसदेही के किसान का बहुफसली मॉडल बना किसानों के लिए प्रेरणा, सिर्फ 1 एकड़ में कमाया 50 हजार का मुनाफा
15 मई 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश: भैंसदेही के किसान का बहुफसली मॉडल बना किसानों के लिए प्रेरणा, सिर्फ 1 एकड़ में कमाया 50 हजार का मुनाफा – मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही विकासखंड की ग्राम पंचायत बोथिया के किसान श्री मदन इवने ने प्राकृतिक खेती और बहुफसली मॉडल अपनाकर कम लागत में अधिक आय का सफल उदाहरण पेश किया है। कभी रासायनिक खेती में बढ़ते खर्च और घटती मिट्टी की उर्वरता से परेशान रहने वाले किसान मदन इवने आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
किसान मदन इवने ने लगभग वर्ष 1992 से खेती कार्य की शुरुआत अपने परिवार के साथ की थी। समय के साथ रासायनिक खाद और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से खेती की लागत बढ़ती गई और उत्पादन की गुणवत्ता भी प्रभावित होने लगी। कई बार उन्हें खेती के लिए ऋण लेने की स्थिति का सामना भी करना पड़ा।
इसी बीच नाबार्ड, नमन सेवा समिति, जिवा परियोजना और कृषि विभाग के माध्यम से सायगोहान वाटरशेड क्षेत्र में आयोजित बैठकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने उनकी सोच बदल दी। प्रोजेक्ट मैनेजर युवराज बोरबन के मार्गदर्शन में उन्होंने प्राकृतिक खेती अपनाने का निर्णय लिया और जैविक खेती की ओर कदम बढ़ाया।
365 दिन हरित खेती मॉडल से बदली तस्वीर
प्रशिक्षण के बाद किसान मदन इवने ने अपने एक एकड़ खेत में बहुफसली मॉडल विकसित किया। इसमें उन्होंने लौकी, करेला, भिंडी, धनिया जैसी सब्जियों के साथ दलहनी और फलदार फसलों को शामिल किया। साथ ही पपीता, केला, अमरूद, आम और सीताफल जैसे फलदार पौधे भी लगाए गए, जिससे खेत पूरे वर्ष उत्पादन देता रहा।
इसके अलावा उन्होंने गेहूं, चना, मटर, मसूर, सोयाबीन और मूंगफली जैसी फसलों का भी उत्पादन किया। यह “365 दिन हरित खेती मॉडल” उनके लिए स्थायी आय का स्रोत बन गया है।
जैविक खेती से घटा खर्च, बढ़ा मुनाफा
किसान मदन इवने ने रासायनिक उर्वरकों की जगह घनजीवामृत, जीवामृत और जैविक घोलों का उपयोग शुरू किया। इससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार हुआ और फसलों में रोगों की समस्या कम हो गई।
इस प्राकृतिक खेती मॉडल से उनकी उत्पादन लागत में काफी कमी आई और फसलों की गुणवत्ता बेहतर होने लगी। आज उन्हें अपनी उपज के बेहतर दाम मिल रहे हैं और स्थानीय बाजार में उनकी जैविक सब्जियों की मांग भी बढ़ी है।
1 एकड़ से 50 हजार का शुद्ध लाभ
किसान मदन इवने का कहना है कि पहले खेती में लागत अधिक और मुनाफा कम था, लेकिन प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई। अब एक एकड़ के बहुफसली मॉडल से उन्हें सालभर लगभग 50 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है।
सभी खर्च निकालने के बाद यह आय उनके लिए स्थायी और भरोसेमंद बन चुकी है। साथ ही वे मधुमक्खी पालन से भी अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं।
किसानों के लिए बनी प्रेरणा
मदन इवने की इस सफलता से आसपास के किसान भी प्रेरित हो रहे हैं और प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उनका यह मॉडल यह साबित करता है कि कम लागत में भी वैज्ञानिक और प्राकृतिक तरीकों से खेती कर बेहतर आय अर्जित की जा सकती है।
उनकी यह पहल न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है, बल्कि मिट्टी, पर्यावरण और स्वास्थ्य के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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