किनोवा फसल प्रदर्शन का अवलोकन

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8 फरवरी 2021टीकमगढ़।किनोवा फसल प्रदर्शन का अवलोकन- किनोवा एक अत्यंत मूल्यवान पोषक तत्वों से भरपूर अनाज है जो ग्लूटोन रहित होने के कारण सुपाच्य है और प्रोटीन का अच्छा स्रोत है इस फसल का अवलोकन कृषि विज्ञान केन्द्र, टीकमगढ़ की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर, 25वीं वैज्ञानिक परामर्शदात्री समिति के मुख्य अतिथि संचालनालय विस्तार सेवायें, जनेकृविवि, जबलपुर के प्रोफेसर टी. आर. शर्मा एवं अध्यक्ष डॉ. यू. के. तिवारी, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, टीकमगढ़ के द्वारा फसल को सराहा गया ।

कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी.एस. किरार एवं वैज्ञानिक डॉ. यू. एस. धाकड़ ने बताया कि किनोवा की फसल को रबी के मौसम में उगाया जाता है जिसका नवम्बर माह का समय बुवाई के लिये उपयुक्त है इसकी बीज दर 3 से 5 किलो प्रति हे. है तथा उपज लगभग 5 से 10 किवंटल प्रति हे. है इसके लिए बलुई एवं दोमट भूमि उपयुक्त होती है इसका उपयोग गेहूं, चावल एवं सूजी की तरह खाने में किया जाता है किनोवा का औषधि महत्व अधिक है क्योंकि किनोवा में प्रोटीन 22 प्रतिशत तक पाया जाता है यह प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है।

कैंसर, दिल की बीमारी एवं मधुमेह को भी नियंत्रित करता है शरीर में स्वस्थ ऊतकों के विकास को बढ़ाने में सहायक है पाचन में लाभदायक एवं मेटाबोलिजम में सुधार करता है किनोवा को आश्चर्जनक भोजन माना जाता है क्योकि इसमें इसमें प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है इसके पत्तों को भाजी एवं सलात बनाकर खाया जा सकता है कम पानी एवं कम खर्च में अधिक लाभ देने वाली फसल है इसमें कीट/व्याधि का प्रकोप कम होता है किनोवा की फसल पाले ओर सूखे को भी सहन करने में सक्षम है इसके बीज का बाजार मूल्य लगभग 500 से 700 रूपये प्रति किलोग्राम है किनोवा का उपयोग अधिक से अधिक करें जिससे की बीमारी से बचा जा सके। इस अवसर पर केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. एस. के. सिंह, डॉ. आर. के. प्रजापति, डॉ. एस. के. खरे, डॉ. बी. के. दीक्षित, डॉ. आर. एस. रघुवंशी, डॉ. डी. एस. तोमर एवं डॉ. आई. डी. सिंह भी उपस्थित रहे ।

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