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राज्य कृषि समाचार (State News)

भिण्ड में खरीफ फसलों की बुवाई में गिरावट, 55 हजार हेक्टेयर भूमि पड़ीं खाली, सरसों की बुवाई का लक्ष्य बढ़ाया गया

01 अक्टूबर 2025, भोपाल: भिण्ड में खरीफ फसलों की बुवाई में गिरावट, 55 हजार हेक्टेयर भूमि पड़ीं खाली, सरसों की बुवाई का लक्ष्य बढ़ाया गया – मध्यप्रदेश के भिण्ड जिल के किसान कल्याण तथा कृषि विकास के उप संचालक,  के.के. पाण्डेय ने बताया कि भिण्ड जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 4,45,206 हेक्टेयर है, जिसमें से 3,41,382 हेक्टेयर शुद्ध कृषि भूमि है। इस साल खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य 1,52,500 हेक्टेयर रखा गया था। इसमें बाजरा का क्षेत्रफल 75,000 हेक्टेयर, धान का 38,000 हेक्टेयर और अन्य फसलों का 39,000 हेक्टेयर शामिल था। लेकिन इस बार धान की बुवाई 50,500 हेक्टेयर, बाजरा की 31,000 हेक्टेयर और अन्य फसलों को मिलाकर कुल 97,000 हेक्टेयर में ही बोनी गई। इसके कारण खरीफ फसलों की बुवाई कम होने से लगभग 55,000 हेक्टेयर भूमि खाली रह गई है।

मौसम और पर्यावरण की परिस्थितियां इस समय सरसों की फसल के लिए अनुकूल हैं, इसलिए इस बार सरसों की बुवाई के लिए 2,28,000 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में सरसों की बोनी का समय शुरू हो चुका है और किसानों को सरसों की बुवाई बढ़ाने की सलाह दी जा रही है।

भिण्ड जिले में उर्वरक की उपलब्धता के लिए 6 डबल लॉक केंद्र, 168 सहकारी समितियां, 6 मार्केटिंग केंद्र, 1 एमपीएग्रो और 199 निजी विक्रेता मिलाकर कुल 380 विक्रय केंद्र सक्रिय हैं। अब तक 32,174 मै.टन यूरिया, 15,689 मै.टन डीएपी, 8,642 मै.टन SSP, और 18,138 मै.टन एनपीकेएस प्राप्त हुए हैं। इनमें से काफी मात्रा में उर्वरक किसानों को वितरित भी किया जा चुका है। गुणवत्ता नियंत्रण के तहत 133 नमूने लेकर उनकी जांच की गई, जिनमें से 9 नमूने अमानक पाए गए। इसके बाद विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई की गई है।

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किसानों को उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि फसल की गुणवत्ता और उत्पादन बेहतर हो सके।

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