खंडवा: मल्चर बना कमाई का जरिया, किसान ने कमाए 60 हजार रुपए
10 अक्टूबर 2026, खंडवा: खंडवा: मल्चर बना कमाई का जरिया, किसान ने कमाए 60 हजार रुपए – मध्यप्रदेश में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए संचालित ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल अंतर्गत सब “मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना” किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। योजना के माध्यम से कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त कर किसान खेती को आधुनिक बनाने के साथ अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं। खंडवा जिले के पंधाना तहसील के ग्राम शाहपुरा निवासी किसान राकेश पगारे ने इस योजना का लाभ लेकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। राकेश पगारे ने बताया की कृषि विभाग के माध्यम से मल्चर यंत्र पर अनुदान प्राप्त हुआ। मल्चर की कुल लागत 1 लाख 85 हजार 578 रुपये थी, जिसमें शासन द्वारा 85 हजार 800 रुपये का अनुदान प्रदान किया गया।
125 खेतों में मल्चर चलाकर कमाए 60 हजार रुपये
राकेश पगारे ने बताया कि मल्चर यंत्र मिलने के बाद उन्होंने अब तक लगभग 125 खेतों में मल्चर का उपयोग कर करीब 60 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की है। इसके साथ ही 125 किसानों के खेतों में फसल अवशेषों को जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिली। किसान राकेश पगारे ने कृषि यंत्र पर अनुदान प्रदान करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आभार व्यक्त किया।
फसल अवशेषों के प्रबंधन में उपयोगी है मल्चर
किसान राकेश पगारे ने कहा की मल्चर आधुनिक कृषि यंत्र है, जो फसल कटाई के बाद खेत में बचे अवशेषों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर मिट्टी में मिलाने का कार्य करता है। इससे किसानों को फसल अवशेष जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। फसल अवशेष मिट्टी में मिलकर जैविक पदार्थ के रूप में मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में सहायक होते हैं। साथ ही पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को भी कम किया जा सकता है।
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