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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में सभी विभागों के सहयोग से चलाया जायेगा “जल-हठ’’ अभियान

02 मार्च 2024, भोपाल: मध्यप्रदेश में सभी विभागों के सहयोग से चलाया जायेगा “जल-हठ’’ अभियान – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के प्रत्येक ग्राम में “हर घर जल” पहुंचाने के लिए वर्ष 2019 में जल जीवन मिशन शुरू किया गया। इस मिशन की पूर्ण सफलता के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में “जल-हठ” अभियान जन आंदोलन के रूप में चलाया जाएगा। इसमें सरकार और समाज की भागीदारी से हर गांव, हर नगर में पुराने तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों का उन्नयन, विकास, सौंदरीकरण, गहरीकरण कराया जाएगा तथा जल स्रोतों के आस पास किए गए अतिक्रमण को हटाकर वृक्षारोपण किया जाएगा।

जल-हठ अभियान की कार्य-योजना तैयार

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से गत दिवस मंत्रालय में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने भेंट कर उन्हें इस अभियान की अवधारणा बताई तथा कार्य-योजना प्रस्तुत की। साथ ही अनुरोध किया कि सभी विभागों के सक्रिय सहयोग से प्रदेश के प्रत्येक ग्राम में “जल-हठ” अभियान को जन आंदोलन के रूप में चलाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आश्वस्त किया कि पूरे प्रदेश में जल स्रोतों के संरक्षण एवं जल संवर्धन को जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा।

जल स्रोतों के अतिक्रमणों को प्राथमिकता से हटाया जाएगा

मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों के अतिक्रमणों को प्राथमिकता से हटाया जाएगा। प्रदेश के तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों में अतिक्रमण से उनका कैचमेंट एरिया समाप्त होता जा रहा है, जिससे जल स्रोतों में प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है तथा सिंचाई एवं पीने का पानी कम हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के छोटे-छोटे नदी नालों में पहले वर्ष भर जल संरक्षित रहता था, किंतु ये नदी-नाले अब समाप्तप्राय हो गए हैं। वर्षा के जल को संरक्षित करने एवं भूजल उन्नयन के लिए इन्हें पुनर्जीवित करना अत्यंत आवश्यक है।

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“जल-हठ’’ अभियान को सभी वर्गों का पूरा सहयोग

मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि “जल-हठ” अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में प्राकृतिक जल स्रोतों, तालाबों के पुनर्जीवन कार्य के लिए उन्हें चिन्हित कर योजना बनाई जाएगी और समाज के विभिन्न वर्गों एवं स्वेच्छिक संगठनों के सहयोग से इसे जन आंदोलन के रूप में चलाया जाएगा। अभियान में सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक/सांस्कृतिक संगठनों, खेल संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, संत महंतों तथा बुद्धिजीवी वर्ग का भी पूरा सहयोग लिया जाएगा।

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