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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में 2,387 करोड़ की सिंचाई परियोजना का लोकार्पण, धार-झाबुआ के 72 हजार किसानों को सौगात; 260 गांवों को फायदा  

26 अक्टूबर 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में 2,387 करोड़ की सिंचाई परियोजना का लोकार्पण, धार-झाबुआ के 72 हजार किसानों को सौगात; 260 गांवों को फायदा – मध्यप्रदेश के धार और झाबुआ जिले के किसानों को सिंचाई के लिए नर्मदा का पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 2,387.60 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया गया। इस परियोजना से दोनों जिलों के 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे करीब 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि के लिए लगातार काम कर रही है और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देशभर में सिंचाई का क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2002-03 तक केवल 7.5 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी। वर्ष 2023 तक सिंचाई का रकबा बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हो गया था। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले ढाई साल में प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 60 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया गया है। अब सरकार ने इसे 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सूखे खेतों को पानी मिलता है, तो किसानों की फसल सोने की तरह चमकने लगती है। राज्य सरकार कृषि और उद्योग सहित प्रत्येक क्षेत्र में विकास के लिए काम कर रही है। किसान कल्याण वर्ष के दौरान किसानों के हित में कई कदम उठाए गए हैं। इसी क्रम में दीपावली से पहले प्रदेश के 16 लाख 70 हजार किसानों को 317.86 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई है।

260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि को मिलेगा पानी

नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के तहत मां नर्मदा का पानी माही नदी में छोड़ा जाएगा। इसके लिए धार जिले की कुक्षी तहसील के ग्राम चंदनखेड़ी में नर्मदा नदी से 186.62 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी उठाने का प्रस्ताव है। परियोजना में 102.30 मेगावाट बिजली की खपत होगी। परियोजना के माध्यम से धार जिले के सरदारपुर तहसील के 66 गांवों की 25,422 हेक्टेयर भूमि और झाबुआ जिले के 194 गांवों की 32,000 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इस तरह कुल 260 गांवों के किसानों को 57,422 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लाभ मिलेगा। झाबुआ जिले में परियोजना से झाबुआ तहसील के 108 गांवों की 17,802 हेक्टेयर, पेटलावद तहसील के 6 गांवों की 1,502 हेक्टेयर, मेघनगर तहसील के 28 गांवों की 5,504 हेक्टेयर, थांदला तहसील के 39 गांवों की 5,927 हेक्टेयर, रामा तहसील के 12 गांवों की 1,185 हेक्टेयर और राणापुर तहसील के एक गांव की 80 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। वहीं, धार जिले की सरदारपुर तहसील के 66 गांवों की 25,422 हेक्टेयर भूमि को लाभ पहुंचेगा।

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भूमिगत पाइपलाइन से खेतों तक पहुंचेगा पानी

परियोजना के तहत भूमिगत पाइप नहर प्रणाली के माध्यम से किसानों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अंतर्गत 2.5 हेक्टेयर के चक तक 20 मीटर दबावयुक्त जल पहुंचाने की व्यवस्था होगी। इसके बाद किसान स्प्रिंकलर या ड्रिप सिंचाई प्रणाली का उपयोग कर सकेंगे। इस पद्धति से सिंचाई करने पर खेतों को समतल कराने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही, कम पानी में अधिक उपयोगी सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे फसलों के उत्पादन में भी लाभ होने की उम्मीद है।

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पीएम मित्र पार्क से 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। धार को रेलवे लाइन की सौगात मिल चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर धार में पीएम मित्र पार्क की सौगात दी थी। इस परियोजना से निमाड़-मालवा क्षेत्र के लगभग 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। पीएम मित्र पार्क में कपास से धागा, धागे से कपड़ा और कपड़े से रेडीमेड गारमेंट्स तैयार किए जाएंगे। यहां बनने वाले वस्त्रों का निर्यात भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस परियोजना से प्रदेश के करीब 3 लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे धार और झाबुआ के युवाओं, किसानों और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी और पलायन की मजबूरी कम होगी।

धार जिले को 2,400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री ने बताया कि धार जिले को कुल करीब 2,400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इनमें माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के अलावा 25 करोड़ रुपये की लागत से बने चार पुलों का लोकार्पण, 15 करोड़ रुपये के विद्यालय भवन और 50 बिस्तरों वाले अस्पताल सहित अन्य विकास कार्य शामिल हैं। इसके अलावा 188 करोड़ रुपये की लागत के 35 नए कार्यों का भूमिपूजन किया जा रहा है। इनमें कन्या विद्यालय भवन, आईटीआई भवन और अमका-झमका माता मंदिर के विकास कार्य शामिल हैं। अमका-झमका माता मंदिर के विकास के लिए 3 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजना से जो गांव छूट गए हैं, उन्हें भी इसमें जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। धार को जल्द ही मेडिकल कॉलेज की सौगात भी मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र के भगोरिया पर्व को राष्ट्रीय उत्सव का दर्जा दिया गया है।

डेयरी शुरू करने पर मिलेगा 10 लाख रुपये का अनुदान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों और लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता की राशि लगातार मिलती रहेगी। किसान कल्याण वर्ष में किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी नई योजना शुरू की गई है। इसके तहत किसान 25 गाय या भैंस खरीदकर डेयरी शुरू करते हैं, तो सरकार उन्हें 10 लाख रुपये का अनुदान देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध उत्पादन बढ़ने से किसानों की आय में सुधार होगा और उनके जीवन में सुख-समृद्धि आएगी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा की शुरुआत की है, जिससे त्योहारों के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी सुविधा मिलेगी। स्वामित्व योजना के तहत सरकार ने 50 लाख मकानों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का संकल्प लिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके मकान और जमीन की पक्की रजिस्ट्री मिल सकेगी। इसके आधार पर वे बैंक या अन्य एजेंसियों से ऋण लेने के पात्र भी बन सकेंगे।

महिला सशक्तिकरण और रोजगार पर जोर

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की डबल इंजन सरकार महिला सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही है। मुख्यमंत्री के प्रयासों से प्रदेश में औद्योगिक निवेश तेजी से आ रहा है। उन्होंने कहा कि धार जिले में इस वर्ष कम बारिश हुई है। ऐसी स्थिति में माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत गरीबों के बैंक खाते खुलने से सरकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रही है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिली है। केंद्रीय मंत्री ने धार के ग्रामीण क्षेत्रों में नए डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी जताया।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री और धार जिले के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 100 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का संकल्प लिया है। माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के करीब 72 हजार किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को तत्कालीन सरकार ने असंभव बताया था। वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि परियोजना के माध्यम से धार, झाबुआ, पेटलावद, थांदला और सरदारपुर क्षेत्र के किसानों को मां नर्मदा का पानी मिलेगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश का समग्र विकास हो रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग में नई भर्तियां की गई हैं। प्रदेश में स्कूलों और आंगनवाड़ियों के नए भवन भी बनाए जा रहे हैं। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती अनीता नागर सिंह चौहान, विधायक श्रीमती नीना वर्मा, पूर्व मंत्री श्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, विधायक श्री प्रताप ग्रेवाल, पूर्व विधायक श्री वेलसिंह भूरिया, पूर्व विधायक सुश्री रंजना बघेल, पूर्व विधायक श्री कलसिंह भाबर, श्री कालू सिंह ठाकुर, श्री नीलेश भारती, श्री चंचल पाटीदार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सरदार सिंह मेडा, श्री रणवीर सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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