आलीराजपुर में कुसुम फसल से रबी तिलहन उत्पादन का नवाचार
06 जनवरी 2026, आलीराजपुर: आलीराजपुर में कुसुम फसल से रबी तिलहन उत्पादन का नवाचार – कृषि विज्ञान केंद्र आलीराजपुर की पहल से आदिवासी बहुल जिले में पहली बार रबी मौसम में तिलहन फसल कुसुम (Safflower) की शुरुआत की गई है। जिले में 40 हेक्टेयर क्षेत्र में 95 प्रदर्शन लगाए गए हैं।
रबी 2025-26 में प्राकृतिक खेती के अंतर्गत जिले में 95 प्रदर्शन लगभग 40 हेक्टेयर क्षेत्र में लगाए गए हैं। किसानों को बिना कांटों वाली उन्नत किस्म जे.एस.एफ. 01 उपलब्ध कराई गई तथा 26 अक्टूबर 2025 को वैज्ञानिक प्रशिक्षण दिया गया। कुसुम कम लागत में, सभी प्रकार की मिट्टी में बिना रसायनों के उगाई जाने वाली फसल है। आर्थिक रूप से यह फसल किसानों के लिए लाभकारी है, जिसमें बीज (लगभग 6500 रुपये प्रति क्विंटल) और फूल (500 रुपये प्रति किलो) दोनों से आय प्राप्त होगी। इसके फूलों में औषधीय गुण भी पाए जाते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र आलीराजपुर द्वारा उक्त जानकारी देते हुए बताया कि किसानों के उत्पाद के विपणन एवं भविष्य में कुसुम तेल प्रसंस्करण इकाई स्थापना हेतु कृषि महाविद्यालय, इंदौर की अखिल भारतीय कुसुम परियोजना से सहयोग लिया गया है। यह पहल जिले में तिलहन उत्पादन एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नवाचार है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture


