1 एकड़, 4 फसल, 3 लाख का मुनाफा वाले श्री लोधी नवोन्मेषी कृषक पुरस्कार से सम्मानित

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कामयाब किसान की कहानी

(प्रकाश दुबे)

8 मार्च 2021 नरसिंहपुर। 1 एकड़, 4 फसल, 3 लाख का मुनाफा वाले श्री लोधी नवोन्मेषी कृषक पुरस्कार से सम्मानित – कहते हैं मिट्टी सोना उगलती है किंतु यह साबित करने में इच्छा शक्ति हो तो यह कोई बड़ी बात नहीं। ऐसा ही साबित किया है। जिले की गोटेगांव तहसील के ग्राम चिरचिटा के कृषक श्री कृष्णपाल लोधी ने उनके पास मात्र 5.3 हेक्टेयर भूमि है जिसमें से 4 हेक्टेयर भूमि में गौ आधारित खेती करते हैं पिछले कुछ वर्षों से कभी अतिवृष्टि कभी अल्पवर्षा, बदलती जलवायु के कारण क्षेत्र के किसानों को कृषि से कोई लाभ नहीं मिल रहा था इससे किसान खेती का काम छोड़ कर शहर की तरफ पलायन कर रहे थे। तब श्री कृष्णपाल सिंह ने रसायन खेती छोड़कर जैविक खेती करने का संकल्प लिया। जैविक खेती से शुरुआत में उपज में कमी आई और जैविक उत्पाद के उचित कीमत नहीं मिली फिर इन्होंने अपनी खेती को प्रमाणीकरण संस्था से जैविक खेती का पंजीकरण करवाया और गन्ना की खेती प्रारंभ की।

पहले आसपास के किसानों के द्वारा गन्ना की दो कतारों के बीच की दूरी 4-5 फुट रखते हैं। गन्ना की फसल लम्बी अवधि और लागत वाली फसल है इसके उत्पादन के लिए एक साल का इंतजार करना पड़ता है इस कारण किसान गन्ना की दो कतार के बीच की खाली जगह में अंतरवर्तीय फसल लेते हैं। गन्ना में अंतरवर्तीय फसल तो हो जाती है लेकिन फसल काटने में काफी दिक्कत होती है और गन्ना बढऩे के कारण फसल काटने के बाद गन्ना में निंदाई, मिट्टी चढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य नहीं कर पाते जिससे मुख्य फसल गन्ना के उत्पादन में विपरीत असर पड़ता है। इस समस्या की गंभीरता को ध्यान में रखकर प्रचलित तकनीक में संशोधन करते हुए एक एकड़ में गन्ना के दो कतार के बीच की दूरी को बढ़ाकर 5 फुट किया और दो कतारों के बाद दस फुट का अंतर रखा इस 10 फुट की खाली जगह में वर्ष भर अंतरवर्तीय फसल लेते हैं। गन्ना को खरीफ की फसल काटने के बाद लगाते हैं गन्ना के साथ रबी में काले चना की अंतरवर्तीय फसल ली जिसका उत्पादन 5.5 क्विंटल एक एकड़ में हुआ। 6000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचा चना काटने के बाद जायद में ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल से उत्पादन 2 क्विंटल एक एकड़ में रहा। मूंग को 7000 प्रति क्विंटल की दर से बेचा।

मूंग काटने के बाद खरीफ में अदरक की फसल लगाई जिसका उत्पादन 15 क्विंटल हुआ, 4000 रुपये क्विंटल बेचा। इसके बाद मुख्य फसल गन्ना से अदरक युक्त गुड़ का निर्माण कर एक किलो के छोटे-छोटे पीस बनाए, गुड़ का उत्पादन 51.8 क्विंटल एक एकड़ में हुआ। गुड़ को 50 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा इस प्रकार एक एकड़ जमीन से 3,66,000 रुपये की आय प्राप्त हुई। उक्त उत्पादन में पूर्णत: जैविक खाद, मजदूरों द्वारा खरपतवार नियंत्रण, घर पर तैयार गौमूत्र, नीम आधारित कीट नियंत्रण का उपयोग किया गया। बीज, फसल की कटाई, बिजली बिल, गुड़ निर्माण पर 64640 रु. की लागत आई। इस प्रकार एक एकड़ जमीन से शुद्ध लाभ 3,01,360 रुपये प्राप्त करने पर आईएआरआई ने नवोन्मेषी कृषक पुरस्कार से नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी एवं आईएआरआई के डायरेक्टर श्री त्रिलोचन महापात्र ने सम्मानित किया गया। अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें मो.: 9407839641

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