राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों के लिए ‘कवच’ बनी सरकार की नई योजना, 5 हजार किसानों को मिलेगा फिर से कर्ज का सहारा

लंबित जांच के कारण अटकी ऋण सुविधा होगी बहाल, सरकार देगी ₹25 करोड़ की एकमुश्त अंश पूंजी सहायता

22 अगस्त 2026, भोपाल: किसानों के लिए ‘कवच’ बनी सरकार की नई योजना, 5 हजार किसानों को मिलेगा फिर से कर्ज का सहारा – मध्यप्रदेश में लंबित जांच के कारण सहकारी ऋण व्यवस्था से बाहर हो गए किसानों को अब सरकार का ‘कवच’ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में सहकारिता विभाग की ‘कवच योजना’ को मंजूरी दी गई है। योजना का उद्देश्य उन किसानों को दोबारा संस्थागत कृषि ऋण व्यवस्था से जोड़ना है, जिनके ऋण खातों से संबंधित गड़बड़ियों की जांच लंबित होने के कारण उन्हें नई ऋण सुविधा और कुछ शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही थी। योजना से करीब 5 हजार किसान लाभान्वित होंगे।

क्या है ‘कवच योजना’?

‘कवच योजना’ सरकार की ऐसी पहल है, जिसके जरिए ऋण खातों से जुड़ी लंबित जांच के कारण प्रभावित किसानों को राहत दी जाएगी। जांच की प्रक्रिया अपनी जगह जारी रहेगी, लेकिन उसका असर किसानों की खेती और आजीविका पर लंबे समय तक न पड़े, इसके लिए उन्हें दोबारा संस्थागत ऋण सुविधा उपलब्ध कराने का रास्ता तैयार किया गया है।

इस व्यवस्था से किसान बीज, खाद, सिंचाई, कृषि यंत्र और अन्य कृषि जरूरतों के लिए आवश्यक पूंजी जुटा सकेंगे। सरकार का मानना है कि खेती के समय किसान को समय पर ऋण उपलब्ध होना जरूरी है, ताकि वित्तीय संकट के कारण कृषि गतिविधियां प्रभावित न हों।

करीब 5 हजार किसानों को मिलेगा लाभ

योजना का लाभ सहकारी समितियों से जुड़े ऐसे करीब 5,000 प्रभावित किसानों को मिलेगा, जिनकी ऋण खातों से संबंधित जांच लंबित है। जांच लंबित रहने के कारण इन किसानों की नई ऋण सुविधा प्रभावित हो गई थी। सरकार की पहल से अब ऐसे किसानों को वित्तीय व्यवस्था की मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास किया जाएगा।

इसका बड़ा उद्देश्य यह है कि किसी प्रशासनिक जांच या प्रक्रिया के लंबित रहने का खामियाजा किसान को अनिश्चितकाल तक न भुगतना पड़े और उसकी खेती जारी रह सके।

50 करोड़ की विशेष निधि, सरकार देगी 25 करोड़

किसानों को नई ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंक अपने स्तर पर कुल 50 करोड़ रुपये की सीमा तक विशेष निधि का निर्माण करेंगे। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार किसानों के हित में 25 करोड़ रुपये की एकमुश्त अंश पूंजी सहायता उपलब्ध कराएगी।

इस वित्तीय व्यवस्था के जरिए प्रभावित किसानों को दोबारा सहकारी ऋण प्रणाली से जोड़ने में मदद मिलेगी।

खेती के लिए पूंजी की राह होगी आसान

कवच योजना से प्रभावित किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत यह होगी कि लंबित जांच के बीच भी उनकी खेती के लिए जरूरी पूंजी की व्यवस्था का रास्ता खुलेगा। किसान समय पर कृषि निवेश कर सकेंगे और साहूकारों या अनौपचारिक ऋण स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
सरकार की यह पहल किसान की ऋण सुविधा और जांच की प्रक्रिया के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है, ताकि जांच पूरी होने तक किसान की कृषि गतिविधियां ठप न हों।

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