राज्य कृषि समाचार (State News)

मछुआरों के लिए खुशखबरी: बिहार सरकार देशी मछलियों के पालन पर दे रही 60% तक सब्सिडी

26 जून 2026, भोपाल: मछुआरों के लिए खुशखबरी: बिहार सरकार देशी मछलियों के पालन पर दे रही 60% तक सब्सिडी – बिहार सरकार राज्य में मछली उत्पादन बढ़ाने और मछुआरों की आय में वृद्धि करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में सरकार ने देशी मछलियों के संरक्षण और पालन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं के तहत मछली पालकों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे मछली पालन को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।

डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम ने बताया कि राज्य में मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए विभाग कई योजनाओं पर काम कर रहा है। सरकार के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब उत्पादन के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। पिछले तीन वर्षों में बिहार का मछली उत्पादन 8.73 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 10.28 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। अब सरकार ने अगले तीन वर्षों में मछली उत्पादन को बढ़ाकर 25 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

देशी मछलियों के पालन को मिल रहा बढ़ावा

मंत्री ने बताया कि देशी मछलियों की प्रजातियों के संरक्षण और उनके उत्पादन को बढ़ाने के लिए मत्स्य प्रजाति विविधीकरण योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत सिंघी, मरैल और झींगा जैसी देशी प्रजातियों के पालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

योजना के अंतर्गत मछली पालकों को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इससे न केवल देशी मछलियों की प्रजातियों का संरक्षण होगा, बल्कि मछुआरों और मछली पालक किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य आधुनिक तकनीकों और वित्तीय सहायता के माध्यम से मछली पालन को अधिक लाभदायक बनाना है।

3 हजार किसानों को कराया जाएगा भ्रमण

मछली पालकों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए बिहार सरकार भ्रमण दर्शन कार्यक्रम भी चला रही है। इस कार्यक्रम के तहत किसानों को विकसित मछली पालन केंद्रों और सफल परियोजनाओं का भ्रमण कराया जाता है, ताकि वे आधुनिक तकनीकों और बेहतर प्रबंधन प्रणालियों को समझ सकें।

इस वर्ष राज्य के 3 हजार मछली पालक किसानों को बिहार के भीतर स्थित उन्नत मछली पालन केंद्रों का भ्रमण कराया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 46.50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है।

हजारों मछली पालकों को मिला प्रशिक्षण

राज्य सरकार मछली पालकों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। विभाग के अनुसार अब तक 68,890 मछली पालकों को राज्य के भीतर और बाहर आधुनिक मछली पालन का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को उत्पादन बढ़ाने, रोग प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण बीज चयन और बेहतर विपणन की जानकारी दी जा रही है।

मछुआरों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

मंत्री नंदकिशोर राम ने कहा कि सरकार मछुआरों और मछली पालक किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। आयोग के माध्यम से उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य छोटे और सीमांत मछली पालकों को आत्मनिर्भर बनाना, मछली उत्पादन बढ़ाना और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। मछली पालन क्षेत्र के विकास से न केवल मछुआरों की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

मंत्री ने मछली पालकों से अपील की कि वे सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ें।

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