सरकारी योजनाएं (Government Schemes)राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार किसानों के लिए सुनहरा मौका: नारियल पौधों पर भारी सब्सिडी, अब खेती बनेगी लाभकारी!

Share

22 जून 2024, भोपाल: बिहार किसानों के लिए सुनहरा मौका: नारियल पौधों पर भारी सब्सिडी, अब खेती बनेगी लाभकारी! – बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग ने नारियल पौधा वितरण कार्यक्रम (2024-25) की घोषणा की है। इस योजना के तहत राज्य के सभी 38 जिलों में नारियल पौधों का वितरण किया जाएगा।

इस योजना के तहत प्रति पौधा की इकाई लागत ₹85 रखी गई है, जिसमें लागत मूल्य का 75% यानी ₹63.75 की राशि सहाय्यता के रूप में दी जाएगी। इस प्रकार, किसानों को पौधों की खरीद पर भारी सब्सिडी मिलेगी, जिससे वे अधिक पौधे खरीदकर अपने नारियल उत्पादन को बढ़ावा दे सकेंगे।

 आवश्यक जानकारी:

 1. पौधा प्राप्ति: नारियल पौधा, नारियल विकास बोर्ड के माध्यम से प्राप्त कर कृषकों को सहाय्यक निदेशक उद्यान द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।

2. अग्रिम भुगतान:  पौधा प्राप्ति से पूर्व प्रति पौधा कृषक अंश ₹21.25 सहाय्यक निदेशक उद्यान के यहाँ जमा करना होगा।

3. पौधों की संख्या: कृषकों को न्यूनतम 5 और अधिकतम 712 पौधे (प्रति हेक्टेयर 178 पौधे) अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

 योजना का लाभ लेने के लिए:

 किसान विभागीय साइट [https://horticulture.bihar.gov.in] पर उपलब्ध “फसल संबंधी योजनाएं” के अंतर्गत “नारियल पौधा वितरण योजना (राज्य योजना)” के लिए “आवेदन करें” लिंक पर जाकर आवश्यक विवरण दर्ज कर आवेदन कर सकते हैं।

यह योजना राज्य के सभी 38 जिलों में लागू की जाएगी। इस अवसर का लाभ उठाकर कृषक अपने नारियल उत्पादन में वृद्धि कर सकते हैं।

 इस योजना का उद्देश्य राज्य में नारियल उत्पादन को बढ़ावा देना और कृषकों की आय में वृद्धि करना है। नारियल पौधों का वितरण सरकारी अनुदान के साथ किया जाएगा, जिससे कृषकों को आर्थिक सहायता मिलेगी और वे अपने खेतों में नारियल की खेती को और अधिक प्रोत्साहन दे सकेंगे।

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Share
Advertisements