राज्य कृषि समाचार (State News)

बकरी इकाई प्रदाय योजना’ से ग्रामीणों को मिलेगा स्वरोजगार, पशुपालन को बढ़ावा दे रही मध्यप्रदेश सरकार

24 जून 2026, भोपाल: बकरी इकाई प्रदाय योजना’ से ग्रामीणों को मिलेगा स्वरोजगार, पशुपालन को बढ़ावा दे रही मध्यप्रदेश सरकार – ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों, पशुपालकों तथा बेरोजगार युवाओं के लिए आय के नए स्रोत विकसित करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा संचालित ‘बकरी इकाई प्रदाय योजना’ स्वरोजगार का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। इस योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को बकरी पालन के लिए सरकारी अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे कम लागत में अपना व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

बकरी पालन को ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे लाभकारी व्यवसायों में माना जाता है। इसमें अपेक्षाकृत कम पूंजी की आवश्यकता होती है, रखरखाव का खर्च भी सीमित होता है और बाजार में बकरी के दूध, मांस तथा अन्य उत्पादों की मांग लगातार बनी रहती है। यही कारण है कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह आय बढ़ाने का भरोसेमंद विकल्प साबित हो रहा है।

‘बकरी इकाई प्रदाय योजना’ के माध्यम से सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसान और युवा स्वरोजगार से जुड़ें। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को अनुदान के साथ तकनीकी मार्गदर्शन, पशु स्वास्थ्य सेवाएं तथा बेहतर नस्ल की बकरियां उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे पशुपालन को वैज्ञानिक और व्यावसायिक स्वरूप मिलेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि बकरी पालन को संतुलित आहार, नियमित टीकाकरण और आधुनिक प्रबंधन पद्धतियों के साथ अपनाया जाए, तो कम समय में अच्छा आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। यह व्यवसाय महिलाओं के लिए भी अत्यंत उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि इसे घर के आसपास ही आसानी से संचालित किया जा सकता है। इससे ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी नई गति मिलेगी।

मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल केवल पशुपालन को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, गरीबी उन्मूलन और किसानों की आय बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। यदि अधिक से अधिक पात्र हितग्राही इस योजना का लाभ उठाते हैं, तो बकरी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इकाई की लागत और अनुदान

योजना के अंतर्गत एक बकरी इकाई की कुल लागत 77,456 रुपये निर्धारित की गई है. इस लागत पर विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग अनुदान का प्रावधान किया गया है.

अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा.

अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) एवं सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 40 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा.

इस अनुदान के कारण पशुपालकों पर आर्थिक बोझ कम

दस्तावेजों की होगी आवश्यकता?

अगर आप इस सरकारी योजना में इच्छुक है और इस स्कीम का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं तो कुछ आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे. इनमें शामिल हैं-

आधार कार्ड

निवास प्रमाण पत्र

बैंक पासबुक की प्रति

जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

परियोजना रिपोर्ट (प्रोजेक्ट रिपोर्ट) होगा और वे आसानी से इस व्यवसाय की शुरुआत कर सकेंगे.

कैसे करें आवेदन?

योजना से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए इच्छुक व्यक्ति अपने निकटतम पशु चिकित्सा अधिकारी पशु चिकित्सालय से संपर्क कर सकते हैं. विभागीय अधिकारी योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएंगे

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