राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों को राहत देने के लिए गिरदावरी आगामी 10 दिनों में हो पूर्ण : सीएम अशोक गहलोत

30 सितम्बर 2023, जयपुर: किसानों को राहत देने के लिए गिरदावरी आगामी 10 दिनों में हो पूर्ण : सीएम अशोक गहलोत – राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार फसल खराबे से प्रभावित किसानों के प्रति संवेदनशील है। उन्हें राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कई जिलों में असामान्य वर्षा से फसलों को लगातार नुकसान हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए श्री गहलोत ने गिरदावरी आगामी 10 दिवस के भीतर करवाकर किसानों को राहत देने के निर्देश दिए हैं।

श्री गहलोत बुधवार शाम को मुख्यमंत्री निवास पर फसल नुकसान, इनपुट सब्सिडी, फसल बीमा एवं गिरदावरी की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि फसल खराबे का आकलन कर प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा देने के लिए गिरदावरी का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में फसलों की गिरदावरी अविलम्ब करवाकर फसलों के नुकसान की रिपोर्ट भिजवाने के भी निर्देश दिए, ताकि प्रभावित किसानों को तत्काल सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।

गुलाबी सुण्डी कीट के प्रकोप से प्रभावित किसानों को मिलेगी राहत

राजस्थान के हनुमानगढ़ व गंगानगर जिले में कपास की फसल में गुलाबी सुण्डी कीट के प्रकोप से 2 लाख 56 हजार हैक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जिससे 73 हजार कृषक प्रभावित है। जिनमें 5 से 45 प्रतिशत नुकसान का अनुमान है। फसल बीमा योजना के अन्तर्गत कीट रोग के प्रकोप के कारण कपास फसल का उत्पादन प्रभावित होने पर बीमित किसानों को नुकसान हेतु क्लेम दिया जायेगा। वर्तमान में खरीफ 2023 के कपास की फसल कटाई प्रयोग प्रक्रियाधीन है। इन प्रयोगों से प्राप्त औसत उपज आंकड़ों के आधार पर नियमानुसार क्लेम दिया जाएगा।

968.48 करोड़ रूपए का कृषि आदान-अनुदान वितरित

वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में राज्य में घटित प्राकृतिक आपदाओं यथा बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि पाला एवं शीतलहर से प्रभावित 10.61 लाख पात्र काश्तकारों को राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) नॉर्म्स के अनुसार 968.48 करोड़ रूपए का कृषि आदान अनुदान वितरित किया गया है। साथ ही, वर्ष 2022-23 रबी के 1895 करोड़ के बीमा क्लेम किसानों को वितरित किये जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022-23 रबी के लम्बित बीमा क्लेम किसानों को शीघ्र वितरित कराये जाये।

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बैठक में बताया गया कि बाढ में 7.72 लाख किसानो को 563.03 करोड़ रूपए, पाला/शीतलहर में 2.65 लाख किसानो को 375.72 करोड़ रूपए, ओलावृष्टि में 6762 किसानो को 13.13 करोड़ रूपए एवं सूखा में 17089 किसानो को 16.60 करोड़ रूपए की सहायता उपलब्ध कराई गयी है। वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 के पात्र किसानो को डीएमआईएस पोर्टल के माध्यम से सहायता प्रदान की जा चुकी है।

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श्री गहलोत ने कहा कि प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में वर्षा की स्थिति को देखते हुए सूखा पड़ने की संभावना है। सूखे की स्थिति से निपटने हेतु जिलां में आवश्यक तैयारी की जाए।

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