मेढ़ बंधान- भू-जल संवर्धन हेतु उपयोगी संरचना

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
  • डॉ. सुधीर सिंह धाकड़ डॉ. गायत्री वर्मा एवं
    डॉ. मुकेश सिंह कृषि विज्ञान केन्द्र, शाजापुर

29 अप्रैल 2021, भोपाल । मेढ़ बंधान- भू-जल संवर्धन हेतु उपयोगी संरचना – कृषि योग्य भूमि में ढाल के विपरीत दिशा में, मिट्टी का बंधान बनाने से दो फायदे होते हैं एक तो यह कि वर्षा के पानी से बहने वाली खेत की मिट्टी खेत में रूक जाती है और मेढ़ बंधान की पाल पर भी पानी रुकता है जिससे भूमिगत जल स्तर में तो वृद्धि होती है साथ में खेत में नमी बनी रहती है।

इसमें एक बात का खास ध्यान रखना होगा कि खेत का ढाल अधिक है तो ये मिट्टी के बंधान पास-पास बनाना पड़ेगें ताकि भूमि का ढाल का प्रतिशत कम हो सके क्योंकि ढाल जितना कम होगा वर्षा के पानी के बहाव के वेग की तीव्रता उतनी ही कम होगी जिससे खेतों में मिट्टी के कटाव नहीं होगा।

कुल मिलकार उद्देश्य यह है कि खेतों में ढाल के विपरीत दिशा में बइिंग बनाना इसलिए आवश्यक है ताकि वर्षा के पानी को खेत के सबसे ऊंचे हिस्से से सबसे निचले हिस्से तक पहुंचने में अधिक से अधिक समय लगे एवं वर्षा जल को जमीन से अंदर जाने हेतु अधिक से अधिक समय मिल सके।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *