राज्य कृषि समाचार (State News)

खरगोन में कृषि सखियों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

27 सितम्बर 2025, खरगोन: खरगोन में कृषि सखियों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित –  राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (एनएमएनएफ) में आत्मा के तहत जिले में 05 दिवसीय कृषि सखियों का प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केन्द्र खरगोन में आयोजित किया गया। जिसमें जिले की 96 कृषि सखियों को कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. संजीव वर्मा द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि सखियों को प्राकृतिक उत्पाद  जैसे जीवामृत, बीजामृत, पाँच पत्ती काढ़ा, दशपर्णी अर्क, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र आदि बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।              

कृषि उप संचालक श्री शिव सिंह राजपूत ने कृषि सखियों को बताया कि खेत में रासायनिक उर्वरक एवं कीटनाशक का प्रयोग कर लोग बीमार हो रहे हैं। जिससे क्षेत्र में नई-नई गंभीर बीमारियाँ हो रही हैं। यह रासायनिक उत्पादों के अधिक प्रयोग के कुप्रभाव के कारण हो रहा है, इसलिए हमें आज प्राकृतिक खेती अपनाने की आवश्यकता है। प्राकृतिक खेती में रासायनिक खाद एवं कीटनाशक का उपयोग नहीं करके, इसमें स्वयं द्वारा निर्मित जैविक विधि से बनाए गए खाद एवं कीटनाशक का उपयोग किया जाता है। इसमें गोबर की खाद, फसल अवशेष, जीवामृत खाद द्वारा पौधों को पोषक तत्व दिये जाते हैं। जैविक कीटनाशक, नीम तेल, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र द्वारा फसलों को हानिकारक कीटों एवं रोगों से बचाया जाता है।              

उप परियोजना संचालक आत्मा डॉ. मना सोलंकी ने कृषि सखियों से अपील की कि सखियाँ प्रशिक्षण प्राप्त कर धरातल स्तर पर जिले के अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रेरित करें, जिससे कि रसायनमुक्त खेती को बढ़ावा दिया जा सके। इस कार्यक्रम में उपस्थित वैज्ञानिक डॉ. अनीता शुक्ला, सहायक संचालक कृषि श्री रामेश्वर चौहान, श्री संतोष पाटीदार एवं समस्त बीटीएम, एटीएम उपस्थित रहे।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements