राज्य कृषि समाचार (State News)

हरियाणा में खारे पानी वाले क्षेत्रों में मिलेगा मछली और झींगा पालन को बढ़ावा

29 मई 2025, भोपाल: हरियाणा में खारे पानी वाले क्षेत्रों में मिलेगा मछली और झींगा पालन को बढ़ावा – हरियाणा की सरकार ने अपने राज्य के किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए एक बार फिर नई योजना को लागू किया है। दरअसल राज्य में खारे पानी वाले क्षेत्र है और ऐसे इलाकों में किसानों को परंपरागत खेती करने में आर्थिक नुकसान ही होता है लिहाजा राज्य के कृषि और मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने अफसरों को निर्देश दिए है कि वे खारे पानी वाले इलाकों में मछली और झींगा पालन को बढ़ावा दें।

मत्स्य पालन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे किसानों को खारा पानी में झींगा मछली पालन के लिए प्रेरित करें, क्योंकि झींगा मछली का उत्पादन खारे पानी में होता है। खारे पानी में कृषि की फसलें न होने के कारण किसान खारे पानी को अभी तक अभिशाप मानते आए हैं। अधिकारी किसानों को इस खारे पानी में झींगा मछली के पालन के लिए प्रेरित करेंगे तो यही अभिशाप माना जाने वाला पानी वरदान साबित हो सकता है।

किसानों को मछली पालन के लिए दी जा रही है सब्सिडी

कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मछली के बीज से लेकर उसकी बिक्री करने तक की प्रक्रिया में उत्पादकों को सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विभाग को अलॉट होने वाले बजट का पूरे वर्ष का एक्शन प्लान बनाएं ताकि मछली पालकों को उनकी सब्सिडी समय पर दी जा सके, साथ ही इससे प्रोजेक्ट निर्धारित अवधि में पूरे होने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि एससी/एसटी तथा महिलाओं को “प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना” के तहत जो 60 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है, उससे इनके जीवन स्तर में खास प्रभाव पड़ा है।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

Advertisement
Advertisement

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement