अब घर बैठे होगी खाद की बुकिंग, किसानों को नहीं लगानी पड़ेगी लाइन
व्हाट्सएप चैटबॉट से मिलेगा क्यूआर कोड वाला टोकन, समय और श्रम की होगी बचत
20 अगस्त 2026, भोपाल: अब घर बैठे होगी खाद की बुकिंग, किसानों को नहीं लगानी पड़ेगी लाइन – मध्यप्रदेश में किसानों को अब खाद यानी उर्वरक की बुकिंग के लिए लंबी कतारों में खड़े होने और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने व्हाट्सएप चैटबॉट सुविधा शुरू की है। इसके माध्यम से किसान मोबाइल फोन से घर बैठे खाद की बुकिंग कर सकेंगे और उन्हें कतार-मुक्त टोकन प्राप्त होगा।
10 चरणों में पूरी होगी बुकिंग
किसान को आधिकारिक WhatsApp Business नंबर पर Help या Fertilizer लिखकर चैट शुरू करनी होगी। इसके बाद पंजीकृत आधार नंबर दर्ज करना होगा। आधार सत्यापन के बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP दर्ज करना होगा। सत्यापन पूरा होते ही किसान की प्रोफाइल स्क्रीन पर प्रदर्शित होगी।
इसके बाद किसान अपनी कृषि भूमि से संबंधित जिला, पात्र खसरा और फसल का चयन कर विवरण सुरक्षित करेगा। अगले चरण में आवश्यक उर्वरक जैसे यूरिया, डीएपी आदि तथा उसकी मात्रा का चयन करना होगा।
इसके बाद किसान अपने ब्लॉक, रिटेलर, संबंधित कंपनी और खाद उठाने की सुविधाजनक तिथि का चयन कर सकेगा। सिस्टम उपलब्ध स्टॉक की जांच करने के बाद QR कोड युक्त उर्वरक टोकन जारी करेगा।
टोकन जारी होने के बाद किसान को व्हाट्सएप पर ही टोकन नंबर, रिटेलर का नाम, उर्वरक का प्रकार, उठाव की तारीख और टोकन की वैधता अवधि की जानकारी प्राप्त होगी।
कालाबाजारी पर भी लगेगी लगाम
डिजिटल व्यवस्था से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। किसानों को बुकिंग के लिए बार-बार दुकानों या सरकारी केंद्रों पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उपलब्धता के अनुसार किसान अपनी सुविधा की तारीख और विक्रेता का चयन कर सकेंगे। इससे समय और परिवहन खर्च की बचत होने के साथ ही उर्वरक वितरण में अनियमितताओं और कालाबाजारी पर भी अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
आधार और OTP को लेकर सावधानी जरूरी
किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे केवल कृषि विभाग द्वारा जारी आधिकारिक WhatsApp Business नंबर पर ही अपनी जानकारी दर्ज करें। किसी अनधिकृत नंबर या व्यक्ति के साथ आधार नंबर, OTP अथवा अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। उपलब्ध जानकारी में आधिकारिक WhatsApp Business नंबर का उल्लेख नहीं है, इसलिए विभाग द्वारा अधिकृत नंबर की पुष्टि के बाद ही चैटबॉट सेवा का उपयोग करना सुरक्षित रहेगा।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

