राज्य कृषि समाचार (State News)

ऑयल पाम की खेती पर किसानों मिलेगा ₹29 हजार तक अनुदान, सिंचाई और फेंसिंग पर भी सहायता देगी सरकार  

11 सितंबर 2026, रायपुर: ऑयल पाम की खेती पर किसानों मिलेगा ₹29 हजार तक अनुदान, सिंचाई और फेंसिंग पर भी सहायता देगी सरकार – खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और किसानों की आय में इजाफा करने के लिए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल पाम के तहत छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिले में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 43 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण किया जा चुका है।

उद्यानिकी विभाग की ओर से घोलेंग विकासखंड, जशपुर, भुरसाकोना विकासखंड, बगीचा और टिकलीपारा, फरसाबहार में मेगा पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में किसानों को ऑयल पाम की खेती, पौधरोपण, सिंचाई, पौधों की देखभाल और अंतरवर्ती फसलों की खेती के बारे में जानकारी दी जा रही है।

ऑयल पाम की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 143 पौधे 9×9 मीटर की दूरी पर लगाए जाते हैं। किसानों को पौध सामग्री के लिए अधिकतम ₹29,000 प्रति हेक्टेयर तक अनुदान दिया जाएगा।

फेंसिंग और सिंचाई पर भी मिलेगी सहायता

ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को फेंसिंग और सिंचाई के लिए भी आर्थिक सहायता दी जा रही है। फेंसिंग के लिए ₹54,485 प्रति हेक्टेयर और ड्रिप सिंचाई के लिए ₹14,130 प्रति हेक्टेयर की सहायता का प्रावधान है। वहीं, सफल बोरवेल के लिए अधिकतम ₹50,000 तक सहायता दी जाएगी।

पंप के लिए भी अनुदान

2 हेक्टेयर या उससे अधिक क्षेत्र में ऑयल पाम की खेती करने वाले किसानों को पंप के लिए भी सहायता दी जाएगी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु एवं सीमांत किसानों और महिला हितग्राहियों को प्रति पंप ₹10,000 तथा अन्य किसानों को ₹8,000 की सहायता दी जाएगी।

4 साल तक रखरखाव के लिए सहायता

ऑयल पाम के पौधों की देखभाल के लिए किसानों को चार साल तक हर साल ₹5,250 प्रति हेक्टेयर की रखरखाव सहायता मिलेगी। इसका उपयोग खाद, दवा, पौधों की कमी पूरी करने और सिंचाई सहित अन्य जरूरी कार्यों में किया जा सकेगा। इसके अलावा ऑयल पाम के साथ अंतरवर्ती फसलों की खेती के लिए भी पहले से चौथे वर्ष तक हर साल ₹5,250 प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाएगी। इससे किसान ऑयल पाम के साथ दूसरी फसल लेकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकेंगे।

उद्यानिकी विभाग का लक्ष्य जिले में ऑयल पाम के लिए निर्धारित बाकी क्षेत्र में भी पौधरोपण पूरा करना और अधिक से अधिक किसानों को इस खेती से जोड़ना है।

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