राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों को नहीं होने देंगे परेशानी, गोदामों से खाद लेने के लिए टोकन की व्यवस्था

25 अक्टूबर 2024, भोपाल: किसानों को नहीं होने देंगे परेशानी, गोदामों से खाद लेने के लिए टोकन की व्यवस्था – प्रदेश की सरकार ने किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होने के लिए कहा है। सरकार ने किसानों को टोकन पर ही खाद देने की व्यवस्था भी की है ताकि किसानों को खाद के लिए किसी तरह से परेशान न होना पड़े। प्राप्त जानकारी के अनुसार विपणन संघ के गोदामों से टोकन प्राप्त करने के बाद किसान खाद प्राप्त कर सकेंगे।

उधर प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने यह जानकारी दी है कि किसानों को खाद की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि   बोवनी की प्राथमिकता और जिले में उपलब्ध खाद के भंडार को देखते हुए उर्वरक व्यवस्था की जा रही है। अक्टूबर, 2023 में यूरिया का विक्रय 4.67 लाख टन हुआ था, जिसके विरुद्ध इस वर्ष अक्टूबर में 8.53 लाख टन परिवहन मिलाकर उपलब्ध है। इसमें से 2.40 लाख टन यूरिया का विक्रय हुआ है और 6.13 लाख टन भंडार में है। इसी तरह डीएपी और एनपीके अक्टूबर, 2023 में 4.37 लाख टन बिका था, जबकि इस वर्ष अक्टूबर, 2024 में 5.58 लाख मीट्रिक टन ट्रांजिट सहित उपलब्ध है। 2.20 लाख मीट्रिक टन डीएपी और एनपीके का विक्रय हो चुका है। भारत सरकार से भी यूरिया, डीएपी, एनपीके की आपूर्ति हो रही है। विपणन संघ के डबल लाक केंद्रों (गोदाम) पर टोकन से ही खाद देने की व्यवस्था बनाई गई है। प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन दो दिसंबर से किया जाएगा। वहीं, ज्वार और बाजरा 22 नवंबर से खरीदा जाएगा। इसके लिए 7 लाख 85 हजार 41 किसानों ने पंजीयन कराया है। इनका क्षेत्र 14 लाख 12 हजार 857 लाख हेक्टेयर है। इसका सत्यापन राजस्व विभाग के कर्मचारियों से कराया जा रहा है।

धान, ज्वार और बाजरा के उपार्जन की तैयारी

खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि धान, ज्वार और बाजरा के उपार्जन की तैयारी हो चुकी है। सर्वाधिक एक लाख 29 हजार 373 किसानों ने बालाघाट में पंजीयन कराया है। रीवा में 64 हजार 215, सतना में 58 हजार 960, जबलपुर में 54 हजार 546, सिवनी में 52 हजार 407, कटनी में 52 हजार 279, मंडला में 41 हजार 461, पन्ना में 33 हजार 472, शहडोल में 33 हजार 661, मैहर में 26 हजार 757 किसान उपार्जन केंद्रों पर उपज विक्रय के लिए पंजीयन कराया है। सबसे कम 880 किसान विदिशा में पंजीकृत हुए हैं।

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