किसान खुद कर सकेंगे मोबाइल एप से अपनी फसल की गिरदावरी

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नहीं लगाना पड़ेगा पटवारियों के चक्कर

2 जुलाई 2022, खरगोन । किसान खुद कर सकेंगे मोबाइल एप से अपनी फसल की गिरदावरी आयुक्त भू अभिलेख मप्र की ओर से इस वर्ष गिरदावरी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ई-तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत मैप आईटी के द्वारा सैटेलाईट से प्राप्त ईमेज के आधार पर किसान से सत्यापन कराते हुए गिरदावरी अभिलेखों में दर्ज की जाएगी। भू अभिलेख अधिकारी श्री पवन वास्केल ने बताया कि प्रत्येक वर्ष पटवारियों को गिरदावरी करना होती थी पंरतु अब किसान स्वयं अपने खेत की गिरदावरी कर पाएंगे। इसके लिए उन्हें एमपी किसान एप प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होगा। जिसमें सैटेलाईट इमेज के आधार पर फसल दिखाई जाएगी। यदि कृषक एप में दिखाई जाने वाली फसल से सहमत हैं, तो यह कर ओके करेंगे। इसके बाद फसल सर्वर पर अपलोड हो जाएगी।

भू- अभिलेख श्री वास्केल ने बताया कि गिरदावरी को लेकर  कई किसान समर्थन मूल्य के दौरान होने वाले पंजीयन में परेशान होते नजर आते थे। पटवारियों ने भी गिरदावरी करने का विरोध किया। अब इस तरह की समस्या पैदा ना हो इसको लेकर एक मोबाइल एप तैयार किया गया है। जिसके जरिये किसानों को गिरदावरी के लिए न तो पटवारियों के चक्कर लगाने होंगे और न सर्वे में फसल का गलत आकलन होगा। किसान एप डाउनलोड करके खुद एप के माध्यम से सेटेलाईट के जरिये अपनी फसल की गिरदावरी कर सकेंगे।

किसान चुके तो निश्चित समय बाद प्रक्रिया पटवारी को करनी होगी

भू-अभिलेख श्री वास्कले ने आगे बताया कि यदि एक निश्चित समय तक कृषक किसी कारणवश गिरदावरी नहीं कर पाते हैं तो पटवारी को अंतिम दिनांक के पूर्व खेत पर ग्राउंड टुथिंग करते हुए सैटेलाइट के आधार पर गिरदावरी दर्ज करना होगी। इस प्रक्रिया में तकनीकी का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे कि शत-प्रतिशत गिरदावरी वास्तविक होना है।

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