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राज्य कृषि समाचार (State News)

जुलाई-अगस्त में किसान करें ये काम और पाएं बंपर फसल, जानें पत्ती खाने वाले कीटों से बचाव के उपाय

13 जुलाई 2024, सीहोर: जुलाई-अगस्त में किसान करें ये काम और पाएं बंपर फसल, जानें पत्ती खाने वाले कीटों से बचाव के उपाय – मानसून का आगमन होते ही किसान भाइयों के लिए खरीफ फसलों की तैयारी का समय आ गया है। इस समय में फसल की सही देखभाल और संरक्षण करना बेहद जरूरी है। जानें, जुलाई-अगस्त के दौरान किसान को कौन-कौन से काम करने हैं और पत्ती खाने वाले कीटों से कैसे बचें।

कृषि कार्य जो जुलाई-अगस्त में किए जाने चाहिए

इस अवधि में किसान भाइयों को समय पर खाद की व्यवस्था, निंदाई-गुड़ाई और खरपतवार नाशक दवाओं का छिड़काव करना चाहिए। कृषि विभाग ने सलाह दी है कि जहां पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है, वहां किसान शीघ्र पकने वाली सोयाबीन की किस्मों का चयन करें। असिंचित क्षेत्रों में सोयाबीन के साथ अरहर और सिंचित क्षेत्रों में सोयाबीन के साथ मक्का, ज्वार, कपास, बाजरा जैसी अंतरवर्तीय फसलों का चयन करें। विपरीत मौसम से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सोयाबीन की बुआई बीबीएफ पद्धति या रिज और फरो पद्धति से करें।

खरपतवार नियंत्रण

खरपतवार नियंत्रण के लिए सोयाबीन की खड़ी फसल में डोरा/कुलपा चलाएं या अनुशंसित रासायनिक खरपतवारनाशक का छिड़काव करें। ध्यान रखें, जिन रसायनों के मिश्रण के संबंध में कोई वैज्ञानिक अनुशंसा या पूर्व अनुभव नहीं है, उनका उपयोग न करें। जलभराव से बचने के लिए अतिरिक्त जल-निकासी सुनिश्चित करें।

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पत्ती खाने वाले कीटों से बचाव के उपाय

  1. क्लोरइंट्रानिलिप्रोल 18.5 एस.सी. (150 मिली/हे.) (हे. = हेक्टेयर) का छिड़काव करें: फसल के 15-20 दिन की होने पर पत्ती खाने वाले कीटों से सुरक्षा के लिए फूल आने से पहले छिड़काव करें।
  2. थायोमिथोक्सम 12.60 प्रतिशत + लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन 09.50 प्रतिशत जेडसी (125 मिली./हे.): तना मक्खी और पीले मोज़ेक वायरस रोग की प्रारंभिक अवस्था में नियंत्रण के लिए पूर्वमिश्रित कीटनाशक का छिड़काव करें।
  3. टेट्रानिलिप्रोल 18.18 एस.सी. (250-300 मिली/हे.) या थायक्लोप्रिड 21.7 एससी (750 मिली/हे.) या प्रोफेनोफॉस 50 ई.सी (1 ली./हे.) या इमामेक्टीन बेन्जोएट (425 मिली/हे.): चक्र भृंग के नियंत्रण के लिए प्रारंभिक अवस्था में ही छिड़काव करें।
  4. लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन 04.90 प्रतिशत सी.एस. (300 मिली/हे) या इंडोक्साकार्ब 15.80 EC (333 मिली/हे): बिहार हेयरी कैटरपिलर का प्रकोप होने पर प्रारंभिक अवस्था में झुंड में रहने वाली इल्लियों को फसल से निकालें और छिड़काव करें।

      मिश्रित कीटनाशकों का उपयोग

      जहां पत्ती खाने वाली इल्लियों और रस चूसने वाले कीटों का प्रकोप हो, वहां क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल + लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन या थायोमिथोक्सम + लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन जेडसी (125 मिली/हे) या बीटासायफ्लुप्रिन इमिडाक्लोप्रिड (350 मिली./हे.) का छिड़काव करें।

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      खेतों में चूहों के नियंत्रण के उपाय अपनाएं। इसके लिए फ्लोकोउमाफेन 0.005% रसायन से बने प्रति हेक्टेयर 15-20 बेट/हे बनाकर चूहों के छेदों के पास रखें।

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